राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष थे, चार दशक तक मजदूरों की आवाज बने रहे
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कथारा/रांची, 28 जून,
कोयलांचल के वरिष्ठ मजदूर नेता एवं राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह का रांची में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे लगभग 75 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से पूरे कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
अवधेश कुमार सिंह ने अपने चार दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में कोयला मजदूरों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। श्रमिक आंदोलनों से जुड़े रहते हुए उन्होंने सीसीएल के हजारों मजदूरों की समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष मजबूती से उठाया। मजदूरों की समस्याओं, विशेषकर वेतन, कार्य-स्थितियों और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
मजदूरों के बीच वे “अवधेश बाबू” के नाम से लोकप्रिय थे। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और जुझारू नेतृत्व शैली के कारण उन्हें न केवल अपने संगठन, बल्कि अन्य यूनियनों के नेताओं का भी सम्मान प्राप्त था। वे संवाद और आपसी सहमति से समाधान निकालने के पक्षधर माने जाते थे।
उनके निधन पर विभिन्न श्रम संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि उनका जाना श्रमिक आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति है और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
सीसीएल प्रबंधन के अधिकारियों ने भी शोक जताते हुए कहा कि अवधेश सिंह हमेशा सकारात्मक बातचीत के पक्षधर रहे और कई जटिल श्रम विवादों को आपसी संवाद के जरिए सुलझाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
स्वर्गीय अवधेश कुमार सिंह का पार्थिव शरीर रांची से उनके आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसके बाद बोकारो नदी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र रवि शंकर सिंह ने दी।
शव यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, यूनियन नेताओं और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने भाग लिया। उनके निधन से कथारा, स्वांग, गोविंदपुर, ढोरी, बोकारो-करगली सहित पूरे कोयलांचल क्षेत्र में शोक का माहौल है।
वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सहयोगियों ने कहा कि उनके विचार और संघर्ष आने वाले समय में भी मजदूर आंदोलन को दिशा देते रहेंगे।