Bihar news:11वीं बार राष्ट्रीय सम्मान: ‘यूथ आइकॉन अवार्ड 2026’ से सम्मानित होंगी गांधी फेलो आरती शर्मा, हिमाचल से बिहार तक सेवा की मिसाल


हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों से निकलकर बिहार के ग्रामीण अंचलों तक समाज सेवा की मिसाल पेश करने वाली गांधी फेलो आरती शर्मा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने जा रही हैं। आगामी 28 जुलाई 2026 को उन्हें प्रतिष्ठित ‘हिंदुस्तान यूथ आइकॉन अवार्ड और राष्ट्रीय युवा विनिमय कार्यक्रम 2026’ में सोशल एक्टिविस्ट श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। यह उनके जीवन का 11वां राष्ट्रीय सम्मान होगा, जो उनके अथक परिश्रम, समर्पण और समाज के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
आरती शर्मा का यह सफर केवल पुरस्कारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की कहानी है, जिनके लिए उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया है। वे पहले भी देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच केंद्रीय संसद भवन में सम्मानित हो चुकी हैं, जो उनकी उपलब्धियों की ऊंचाई को दर्शाता है।
हिमाचल से बिहार तक: सेवा का विस्तार
आरती शर्मा का जीवन सफर प्रेरणादायक है। हिमाचल प्रदेश के एक साधारण परिवेश से निकलकर उन्होंने समाज सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और आज वे बिहार के बेगूसराय जिले में कार्यरत हैं। यहां वे Piramal Foundation के साथ एक समर्पित गांधी फेलो के रूप में काम कर रही हैं।
उनका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य (Child and Maternal Health) से जुड़ा हुआ है, जो ग्रामीण भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। वे गांव-गांव जाकर महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही हैं, साथ ही उन्हें बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं।
जमीनी स्तर पर बदलाव की अगुआ
आरती शर्मा का कार्य केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे खुद मैदान में उतरकर लोगों के बीच काम करती हैं। उन्होंने कई गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, आंगनबाड़ी सेवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर काम किया है।
उनके प्रयासों से कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी आई है और बच्चों के टीकाकरण में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वे महिलाओं को पोषण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जागरूक कर रही हैं, जिससे समाज में दीर्घकालिक सकारात्मक परिवर्तन संभव हो रहा है।
युवा आवाज की सशक्त प्रतिनिधि
समाज सेवा के साथ-साथ आरती शर्मा एक प्रभावशाली युवा नेतृत्वकर्ता भी हैं। वे ‘युवा NGO’ में राज्य प्रवक्ता (State Spokesperson) के रूप में कार्य कर रही हैं। इस भूमिका में वे समाज के ज्वलंत मुद्दों को उठाती हैं और युवाओं की आवाज को नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने का कार्य करती हैं।
उनकी वक्तृत्व कला और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाई है। वे कई बार देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और युवाओं के बीच एक प्रेरणा स्रोत के रूप में उभरी हैं।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान
आरती शर्मा को अब तक कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में उन्हें ‘मिथिला ग्लोबल अवार्ड’ से भी नवाजा गया, जो उनके सामाजिक योगदान की व्यापक सराहना को दर्शाता है।
उनके कार्यों की खास बात यह है कि वे केवल समस्याओं को उजागर नहीं करतीं, बल्कि उनके समाधान के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य करती हैं। यही कारण है कि उन्हें बार-बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है।
प्रेरणा का स्रोत बनीं आरती शर्मा
आज के दौर में जहां युवा अक्सर करियर और व्यक्तिगत लक्ष्यों तक सीमित रहते हैं, वहीं आरती शर्मा ने समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया है। उनका यह सफर युवाओं के लिए एक प्रेरणा है कि यदि दृढ़ संकल्प और सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
उनकी कहानी यह संदेश देती है कि किसी भी क्षेत्र में काम करते हुए यदि समाज के प्रति जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाए, तो सफलता अपने आप मिलती है।
शुभकामनाओं का तांता
आरती शर्मा को मिलने वाले इस सम्मान पर विभिन्न सामाजिक और खेल जगत से जुड़े लोगों ने खुशी जाहिर की है। आर्ट कल्चरल एंड यूथ स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के फाउंडर, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और स्पोर्ट्स प्रमोटर हरिमोहन सिंह ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
उन्होंने कहा कि आरती शर्मा जैसी युवा प्रतिभाएं देश के लिए गर्व का विषय हैं और उनके कार्यों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
युवाओं के लिए एक संदेश
आरती शर्मा की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि यदि युवा अपने कौशल और ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं, तो वे समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
अंततः यह कहा जा सकता है कि 28 जुलाई 2026 को मिलने वाला यह ‘यूथ आइकॉन अवार्ड’ केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उस सामाजिक क्रांति की पहचान है, जिसे आरती शर्मा जैसे युवा अपने प्रयासों से साकार कर रहे हैं। हिमाचल से बिहार तक उनका यह सफर न केवल दो राज्यों को जोड़ता है, बल्कि पूरे देश के युवाओं को एक नई दिशा देने का कार्य भी करता है।
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