बगैर राजनीतिक दलों के समर्थन के जीत होना गर्व का विषय – प्रीतम सिंह भाटिया
जमशेदपुर: ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने कहा कि झारखंड में निकाय चुनाव में पत्रकारों की जीत राजनीतिक सफर की एक नई शुरुआत है। उन्होंने हजारीबाग से मेयर बने अरविंद राणा की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए इसे एक बड़ी शुरुआत करार दिया।
उन्होंने कहा कि चास नगर निगम चुनाव में पत्रकार गजेंद्र हिमांशु भले ही मेयर पद पर जीत दर्ज नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने एक मजबूत पहल की है जो आने वाले समय में बड़ा संकेत साबित होगी।
प्रीतम सिंह भाटिया ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिले में प्रेस क्लब अध्यक्ष मनमोहन सिंह की पत्नी अर्चना सिंह तथा खगेन चंद्र महतो की पत्नी पूजा महतो का वार्ड पार्षद बनना इस बात का प्रमाण है कि भविष्य में पत्रकार विधानसभा चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जमशेदपुर के युवा समाजसेवी एवं पंजाबी पत्रकार प्रवीण सेठी की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, क्योंकि वे ‘अंत्योदय’ संस्था के बैनर तले पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी शंकर गुप्ता ने कहा कि प्रीतम सिंह भाटिया का नामांकन रद्द होना इस बात का संकेत था कि विरोधियों में खलबली मची हुई थी। उन्होंने युवा पत्रकार डॉ. संतोष मानव और लेखिका अन्नी अमृता की हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन विश्वास जताया कि उन्हें भविष्य में दोबारा अवसर अवश्य मिलेगा।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष प्रविंद पांडेय ने कहा कि राज्य के अन्य जिलों में भी पत्रकारों के परिजनों ने जीत हासिल की है। ऐसे में एसोसिएशन को अपने-अपने जिलों में उन्हें सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण मांझी ने कहा कि यह पत्रकार समाज के लिए गर्व की बात है कि वे बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के भी निकाय चुनाव में जीत दर्ज कर रहे हैं।