संवाददाता – अनुज तिवारी,
पलामू | विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं सहायक शिक्षक धीरज मिश्रा ने रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लोगों से रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “रक्तदान एक महान कार्य है, जो किसी जरूरतमंद को जीवन देने का माध्यम बन सकता है।”
धीरज मिश्रा, जो सामाजिक संस्था “इंसानियत का रिश्ता” के संस्थापक और संचालक भी हैं, विगत दस वर्षों से रक्तदान महादान जागरूकता अभियान के ज़रिए लोगों को रक्तदान के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। उनके और उनकी टीम के सहयोग से पलामू, गढ़वा, लातेहार, रांची, बोकारो, चतरा, रामगढ़, धनबाद समेत झारखंड के कई जिलों में सैकड़ों लोगों को रक्त उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाई गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस रक्तदाताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2004 में की थी।
धीरज मिश्रा ने कहा, “रक्त के बिना शरीर केवल हाड़-मांस का ढांचा है। शरीर के सुचारू संचालन के लिए रक्त आवश्यक है। रक्त की कमी होने पर व्यक्ति का जीवन संकट में पड़ सकता है, इसलिए समय पर रक्त की पूर्ति जरूरी है।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर वर्ष इस दिवस की एक विशेष थीम होती है, जिसके माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई जाती है और उन्हें प्रेरित किया जाता है कि वे आगे आकर इस पुनीत कार्य में योगदान दें।“एक स्वस्थ व्यक्ति यदि नियमित रूप से रक्तदान करे, तो वह कई जिंदगियों को बचा सकता है,” – इस भाव के साथ धीरज मिश्रा ने समाज के सभी लोगों से रक्तदान को अपनाने की अपील की।