बरहड़वा | संवाददाता
झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनर तले जेएसएलपीएस (पलाश) के कर्मचारियों ने शुक्रवार को अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तहत बरहड़वा स्थित कार्यालय में कलमबंद हड़ताल किया। इस हड़ताल के कारण कार्यालय में सामान्य कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगे:
हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई (एनएमएमयू) नीति को सभी राज्यों में दिसंबर 2024 तक लागू करने का निर्देश जारी किया गया है। हालांकि, झारखंड में जेएसएलपीएस के अंतर्गत यह नीति अब तक लागू नहीं की गई है। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस नीति को राज्य में जल्द से जल्द लागू किया जाए, ताकि संगठनात्मक कार्य प्रणाली और कर्मचारियों के अधिकारों में सुधार हो सके।
दूसरी बड़ी मांग के तहत कर्मचारियों ने निचले स्तर के कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें बहुत ही कम वेतन मिलता है, जिससे उनका परिवार चलाना बेहद कठिन होता जा रहा है। साथ ही उन्होंने रोस्टर नीति के तहत कर्मियों की पदस्थापना उनके गृह जिले या नजदीकी प्रखंडों में करने की मांग भी रखी है।
हड़ताल का भविष्य और चेतावनी:
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे आगामी 16 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे न केवल जेएसएलपीएस की विभिन्न योजनाओं की गति प्रभावित होगी बल्कि ग्रामीण विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां भी बाधित हो सकती हैं।
हड़ताल में उपस्थित प्रमुख कर्मचारी:
इस कलमबंद हड़ताल में अंशुमान कुमार साहा, विवेक माल, दुलड़ मारांडी, सिमोन, यासीन, दाऊद, योगेश सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और कहा कि यह आंदोलन उनकी मजबूरी है, अधिकारों की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।