नागपुर, (आरएनएस)। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए जासूसी करने वाले ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व इंजीनियर निशांत अग्रवाल दोषी ठहराए गए हैं। महाराष्ट्र में नागपुर की एक कोर्ट ने सोमवार को अग्रवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अग्रवाल को 2018 में आईएसआई को गोपनीय सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।अग्रवाल को 2023 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दी थी। गिरफ्तारी के समय अग्रवाल की उम्र 27 साल थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, अग्रवाल ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ सिस्टम इंजीनियर थे, जो रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के सैन्य औद्योगिक संघ (एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया) का संयुक्त उद्यम है।अग्रवाल ने भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल पर काम किया था, जिसे जमीन, हवा, समुद्र-पानी के नीचे से लॉन्च किया जा सकता है।अग्रवाल मूलरूप से उत्तराखंड के रुड़की के हैं। उनको साढ़े 4 साल जेल में रहने के बाद अप्रैल, 2023 में जमानत मिली थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, अग्रवाल 2 फेसबुक अकाउंट नेहा शर्मा और पूजा रंजन के जरिए संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था।इस्लामाबाद से संचालित इन दोनों खातों के बारे में माना जाता है कि इन्हें पाकिस्तान के खुफिया एजेंट चलाते हैं।कंपनी के मिसाइल केंद्र के तकनीकी अनुसंधान अनुभाग में कार्यरत अग्रवाल को अक्टूबर, 2018 में सैन्य खुफिया और उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्तों के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया था।
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