- गुमला में आदिवासी समाज के बैठक में सालखन मुर्मू हुए शामिल
- आदिवासी समाज के लोगों को भारत बंद के सफलता के लिए सड़क पर आने की अपील
बसंत कुमार गुप्ता ब्यूरो चीफ,
गुमला:- सरना कोड की मांग को लेकर 30 दिसंबर को आहूत भारत बंद के समर्थन में आज स्थानीय परिसदन गुमला में आदिवासी समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक संपन्न हुई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप आदिवासी सेंगेल अभियान के नेता सालखन मुर्मू ,,सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ,गुमला जिला अध्यक्ष हंदू भगत ,महेंद्र उरांव उदय उरांव समेत कई आदिवासी समाज के नेतागन बैठक में शामिल हुए,,सालखन मुर्मू ने कहा कि सरना कोड की मांग को लेकर लगातार मांग किया जा रहा है। लेकिन भाजपा और कांग्रेस जैसी राजनीतिक पार्टियां सरना कोड देने में विलंब कर रही है। ऐसी स्थिति में आंदोलन को तेज करना जरूरी है और भारत बंद का आह्वान 30 दिसंबर को किया गया है। इस मौके पर रेल रोको अभियान भी चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड की सरकार ने सरना कोड के लिए केंद्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेज दिया है अब केंद्र की सरकार तुरंत सरना कोड को लागू करने की दिशा में कार्य करें ।जिससे कि आदिवासी समाज के लोगों को अपना धर्म कोड सरना कोड मिल सके। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में आदिवासी समाज के लोग राजनीतिक दल के लोगों को वोट से बहिष्कार करने का कार्य करेंगे ।मौके पर हंदू भगत ने कहा कि सरना कोड की मांग आदिवासी समाज के लोगों के द्वारा की जा रही हैऔर केंद्र सरकार को चाहिए कि धर्मकोड सरना कोड लागू कर आदिवासी समाज के धर्म और संस्कृति को बचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर के भारत बंद के समर्थन में गुमला के लोग सड़क पर उतरेंगे,, केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि आंदोलन में सभी लोगों को आगे आने की जरूरत है।