घाघरा संवाददाता।
घाघरा प्रखंड के गुनिया गांव स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, गुनिया में चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता और गुणवत्ता में कमी का आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने घाघरा अंचल अधिकारी (सीओ) सुशील कुमार को लिखित आवेदन देकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि निर्माण कार्य में घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जिसे स्थानीय स्तर पर “तीन नंबर ईंट” बताया गया है। इसके साथ ही मिट्टी मिश्रित बालू का भी खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि भवन का प्लिंथ लेवल मानक से नीचे रखकर ढलाई की गई है, जिसके कारण कई जगहों पर प्लिंथ में दरारें (क्रैक) पड़ने लगी हैं। वहीं, कई स्थानों पर बिना पुरानी संरचना को तोड़े ही मरम्मत कार्य पूरा कर दिया गया है, जो तकनीकी दृष्टि से गलत बताया जा रहा है।
यह कार्य ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के अंतर्गत कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई तो भवन की स्थिति भविष्य में और खराब हो सकती है।
हस्ताक्षर युक्त आवेदन में कई ग्रामीणों के नाम शामिल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषी संवेदक पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यालय भवन सुरक्षित और टिकाऊ बन सके।