पंचायत स्तरीय मनरेगा जनसुनवाई में कई अनियमितताएँ उजागर

पंचायत स्तरीय मनरेगा जनसुनवाई में कई अनियमितताएँ उजागर
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पंचायत स्तरीय मनरेगा जनसुनवाई में कई अनियमितताएँ उजागर

कोटालपोखर।
बोरियो प्रखंड के 14 पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 के तहत मनरेगा योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण कराया गया। बोरियो संथाली पंचायत में जूरी सदस्य उत्तम कुमार सिंह, राजेश यादव, मनोज दास, दिनेश दास, सोनाली दत्त और बिंदेश्वरी देवी की उपस्थिति में सात सदस्यीय अंकेक्षण दल, जिसके नेतृत्व में सूजन प्रमाणिक थे, ने कुल 119 योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण किया।

अंकेक्षण के दौरान कई अनियमितताएँ सामने आईं—

  • पंचायत भवन में मनरेगा योजनाओं का दीवाल लेखन नहीं किया गया था।
  • चार योजनाओं में भूमि सत्यापन नहीं मिला।
  • तीन अभिलेखों में जेई के हस्ताक्षर अनुपस्थित थे।
  • कई योजनाओं के अभिलेख में फोटो नहीं थे।
  • सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए थे।
  • कई योजनाओं में मापी पुस्तिका उपलब्ध नहीं थी।

इन सभी बिंदुओं पर जूरी सदस्यों ने न्याय संगत निष्पादन किया।

पंचायत स्तरीय मनरेगा जनसुनवाई में कई अनियमितताएँ उजागर

वहीं वीचपुरा पंचायत में सामाजिक अंकेक्षण के दौरान 356 योजनाओं की जांच की गई, जिनमें से छह मामलों को प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई के लिए भेजा गया। अंकेक्षण दल ने पाया कि कविता देवी की जमीन पर बने शेड में एलबेस्टर के नीचे GI पाइप नहीं लगाई गई थी, बल्कि उसकी जगह बांस का उपयोग किया गया, जबकि पूरी राशि की निकासी कर ली गई थी।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत स्वीकृत 16 सिंचाई कुआँ योजनाएँ अब तक शुरू नहीं की गई थीं, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया।

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