अनूप कुमार गुप्ता,
न्यूज अप्रैजल प्रतिनिधि, गढ़वा। उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में मादक पदार्थों की तस्करी एवं रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में अफीम, गांजा, चरस एवं अन्य नशीले पदार्थों की खेती, तस्करी और इसके दुष्प्रभाव को रोकने की ठोस रणनीति पर गंभीरता से चर्चा की गई।
पुलिस उपाधीक्षक एवं ड्रग इंस्पेक्टर ने बैठक में अब तक की गई कार्रवाई से उपायुक्त को अवगत कराया। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में किसी भी कीमत पर नशीली खेती या तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में वन पदाधिकारी उत्तरी एवं दक्षिणी, पुलिस उपाधीक्षक, सामान्य शाखा प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी रंका, जिला शिक्षा पदाधिकारी, अधीक्षक उत्पाद, जिला तंबाकू नियंत्रण पदाधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि यह बैठक केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जिले की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी बैठक का नेतृत्व ड्रग इंस्पेक्टर करेंगे, जिसमें वे संबंधित सभी जानकारी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि अगली बैठक में नारकोटिक्स विभाग के प्रमुख, सचिव, अध्यक्ष, केमिस्ट और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाए, ताकि इस गंभीर मुद्दे पर समन्वित और कारगर निर्णय लिए जा सकें।
बैठक में विशेष रूप से जिले के स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान चलाने, मेडिकल दुकानों की नियमित जांच करने और पुलिस एवं प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन “नशामुक्त गढ़वा” बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव सख्त और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें नशीले पदार्थों की कोई सूचना प्राप्त हो, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।