पाकुड़, रविवार: उपायुक्त पाकुड़ मनीष कुमार की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी श्री मृत्युंजय कुमार ने कृषि विभाग एवं आत्मा कार्यालय द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति से उपायुक्त को अवगत कराया। समीक्षा के क्रम में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष निर्देश दिए गए—
- बिरसा फसल विस्तार योजना: गरमा मूंग बीज एवं उपादानों का वितरण फरवरी माह में पूर्ण कर व्यय सुनिश्चित किया जाए।
- मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना: प्रयोगशाला स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक सामग्री एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
- आम्लिक मिट्टी सुधार योजना: किसानों के बीच डोलोमाइट का शीघ्र वितरण कर व्यय सुनिश्चित किया जाए।
- मेला, कार्यशाला एवं पुरस्कार योजना: अवशेष राशि का उपयोग कर प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया जाए।
- फसल सुरक्षा कार्यक्रम: पौध संरक्षण केंद्रों की स्थापना शीघ्र पूर्ण कर आवश्यक यंत्र एवं रसायन उपलब्ध कराए जाएं।
- समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना – कृषक पाठशाला: मापी पुस्त तैयार कर जिला कृषि पदाधिकारी को सौंपें तथा कार्यकारी एजेंसी से संबंधित बिल जमा करें।
- किसान समृद्धि योजना एवं पीएम-कुसुम योजना: प्रत्येक एटीएम से 10 किसानों का कृषक अंशदान सुनिश्चित कर आवेदन फरवरी अंत तक सत्यापित करें।
- मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन: अवशेष कार्य 15 मार्च तक पूर्ण कर नियमानुसार निकासी सुनिश्चित करें।
- प्रति बूंद अधिक फसल योजना: अधिष्ठापित टपक एवं फव्वारा सिंचाई प्रणाली का सत्यापन फरवरी माह में पूर्ण किया जाए।
- केसीसी आवेदनों का निष्पादन: संबंधित बैंक एवं एलडीएम से समन्वय स्थापित कर सभी लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी एवं समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके तथा जिले में कृषि उत्पादन में वृद्धि हो।