नई दिल्ली/कोलकाता।
बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र की हत्या के विरोध में बुधवार को भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विभिन्न हिंदू संगठनों ने देश के पांच राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल के कई लैंड पोर्ट्स पर प्रदर्शन देखने को मिले। इस दौरान कोलकाता और हावड़ा में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई।
हावड़ा में पुलिस ने भाजपा समर्थित रैली को हावड़ा ब्रिज की ओर बढ़ने से रोक दिया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाया। पुलिस का कहना है कि आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
वहीं जम्मू-कश्मीर के कठुआ में स्थानीय हिंदू संगठनों और कार्यकर्ताओं ने कालीबाड़ी चौक पर प्रदर्शन किया, जिससे पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग करीब एक घंटे तक बाधित रहा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, त्रिपुरा के अगरतला और झारखंड के रांची में भी विरोध प्रदर्शन किए गए।
बताया गया कि बांग्लादेश में 18 दिसंबर की रात हिंदू युवक दीपू चंद्र की हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में दावा किया गया था कि दीपू ने फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की थी, लेकिन प्रारंभिक जांच में इस तरह का कोई सबूत नहीं मिला है।
पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले नॉर्थ 24 परगना, मालदा और कूच बिहार में सनातनी ऐक्य परिषद और भाजपा समर्थकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार पर अल्पसंख्यकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी की।
पुलिस द्वारा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश रोकने के दौरान किए गए लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए, जबकि कम से कम 12 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
BJP का आरोप: ममता की चुप्पी लिंचिंग का मौन समर्थन
भाजपा ने कोलकाता पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति का उदाहरण बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन केवल पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया गया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू की लिंचिंग को मौन समर्थन देने जैसी है।
वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों ने कहा कि जब तक बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं, की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि मंगलवार को भी विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया था। उसी दिन पश्चिम बंगाल में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सियालदह से बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन तक मार्च करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने बेकबगान इलाके में उन्हें रोक दिया।
इधर भारत सरकार ने मंगलवार को बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को तलब कर बांग्लादेश में भारतीय राजनयिकों और मिशनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। साथ ही अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठाया गया। यह एक सप्ताह में दूसरी बार था जब हमीदुल्लाह को भारत सरकार ने समन किया; इससे पहले 17 दिसंबर को भी उन्हें तलब किया गया था।
SORSH..BHASKAR