बरहरवा। तालझारी थाना क्षेत्र के मसकलैया मौजा निवासी गीता देवी को गुरुवार को राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रधानी पट्टा स्वीकृत कर अपने हाथों से सौंपा गया। तीन वर्षों से एसडीओ कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद उन्हें यह पट्टा मिला था। दस्तावेज़ मिलते ही खुशी-खुशी कार्यालय से बाहर निकलीं गीता देवी मुख्य सड़क पर पहुंचीं ही थीं कि उनके हाथों से पट्टा छीन लिया गया।
गीता देवी के अनुसार, बीते तीन वर्षों से गांव के प्रधान पद के लिए चार लोग दावेदारी कर रहे थे, लेकिन एसडीओ ने उन्हें प्रधान घोषित करते हुए प्रधानी पट्टा सौंपा। इसके बाद किसी अनहोनी की आशंका में उन्होंने तुरंत तालझारी थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
गीता देवी ने आरोप लगाया कि उनके ही बड़े पुत्र स्वाधीन मंडल ने उनसे प्रधानी पट्टा छीन लिया और खुद को प्रधान बताने लगा। उन्होंने कहा कि पुत्र ने उनके हाथों से दस्तावेज़ छीनकर उन्हें अपमानित किया।
इस संबंध में थाना प्रभारी नीतीश कुमार पांडे ने बताया कि गीता देवी को पंचायत के माध्यम से पट्टा वापस मांगे जाने की सलाह दी गई है। यदि पंचायत स्तर पर दस्तावेज़ नहीं लौटाया जाता है, तो थाना की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।