नई दिल्ली/पटना। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में मिले अप्रत्याशित और अभूतपूर्व जनादेश से उत्साहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विपक्षी खेमे पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परिणाम न सिर्फ विकास और स्थिरता के पक्ष में मिला जनमत है, बल्कि उन दलों के खिलाफ जनता का कड़ा संदेश भी है, जो नकारात्मक राजनीति को अपना मूल एजेंडा बनाए हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर सबसे अधिक निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति अब “देश के दुश्मनों के एजेंडे” पर आधारित हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अब पूरी तरह से नकारात्मक राजनीति में लिप्त हो चुकी है और उसकी सोच विकास तथा राष्ट्रहित से कट चुकी है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के पास देश के लिए कोई सकारात्मक दृष्टि नहीं बची है। आज कांग्रेस ‘मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस (एमएमसी)’ बन गई है। उसका एजेंडा अब पूरी तरह उन्हीं तत्वों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। इसलिए कांग्रेस के भीतर भी असहजता बढ़ रही है और एक अलग धड़ा तैयार हो रहा है।”
राहुल गांधी पर परोक्ष हमला, भविष्य में ‘विभाजन’ की संभावना का संकेत
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जिस दिशा में पार्टी को ले जा रहा है, उससे कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता निराश तथा नाराज़ हैं। उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि भविष्य में कांग्रेस में एक और विभाजन होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के नामदार जिस रास्ते पर चल रहे हैं, उस पर कांग्रेस के भीतर गहरी नाराज़गी पनप रही है। समय आने पर यह आंतरिक असंतोष किसी बड़े रूप में सामने आ सकता है।”
बिहार के जनादेश को ‘जंगलराज के खिलाफ जनक्रांति’ बताया
प्रधानमंत्री ने बिहार की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह परिणाम साबित करता है कि राज्य के लोगों ने ‘जंगलराज’ और भ्रष्टाचार की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जनता ने वोट दिया, वह इस बात का प्रतीक है कि बिहार अब स्थिरता, सुरक्षा और विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहता है।
उन्होंने कहा, “बिहार की जनता ने यह दिखा दिया है कि वह अराजकता, परिवारवाद और दुष्प्रबंधन की राजनीति को अब स्वीकार नहीं करेगी। लोग सुशासन और विकास के साथ हैं और देश के विकास यात्रा में बिहार की भागीदारी और मजबूत होगी।”
मतदाता सूची के शुद्धीकरण की आवश्यकता पर जोर
प्रधानमंत्री ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में पाई गई अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए उसके शुद्धीकरण की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन को इस दिशा में और सख़्त कदम उठाने चाहिए ताकि किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने कहा, “मतदाता सूची का शुद्धीकरण लोकतंत्र की विश्वसनीयता और पारदर्शिता के लिए अत्यंत आवश्यक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर वोट सही हाथों में पड़े और किसी तरह की फर्जीवाड़ा न हो।”
राजद-कांग्रेस पर ‘छठी मइया’ से माफी न मांगने का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में राजद-कांग्रेस गठबंधन पर सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान छठ पर्व और उससे जुड़ी मर्यादाओं पर कुछ नेताओं द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
उन्होंने कहा, “राजद और कांग्रेस ने छठी मइया से माफी तक नहीं मांगी। बिहार की संस्कृति और आस्था के इस महत्वपूर्ण पर्व पर की गई टिप्पणी जनता को स्वीकार नहीं है। चुनाव परिणाम इसका स्पष्ट प्रमाण हैं।”
कांग्रेस पर ‘देश-विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने’ का आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज उन संगठनों को वैचारिक समर्थन देती दिखाई दे रही है जो देश को कमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्टी अब न तो राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखती है, न ही विकास की अवधारणा पर कोई ठोस विचार।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की रणनीति अब सिर्फ मोदी विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश विरोधी तत्वों के एजेंडे को भी बल दे रही है। यही कारण है कि जनता बार-बार कांग्रेस को नकार रही है।”
‘महागठबंधन की राजनीति अब अप्रासंगिक’
प्रधानमंत्री ने विपक्षी महागठबंधन पर भी जमकर हमला किया और कहा कि भाजपा और एनडीए सरकार के खिलाफ एकजुट होने की विपक्ष की कोशिशें जनता के बीच विश्वास पैदा नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एजेंडा सिर्फ सत्ता पाने तक सीमित है, उनके पास कोई दृष्टि और नीति नहीं है।
उन्होंने कहा, “महागठबंधन की राजनीति आज जनता के लिए अप्रासंगिक हो चुकी है। जनता समझ चुकी है कि ये गठबंधन सिर्फ सत्ता के लिए बनते हैं। इनके पास न तो नीति है, न नीयत।”