राँची। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा आज एकदिवसीय *राज्य स्तरीय समृद्धि प्रतियोगिता 2025 का आयोजन JCERT, रातू, राँची में किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के सभी 24 जिलों से चयनित कुल 48 शिक्षकों ने भाग लिया और अपनी कला-समेकित शैक्षिक विधियों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों को पठन-पाठन प्रक्रिया में नवाचार के साथ विभिन्न विषयों को सरल व रोचक तरीके से पढ़ाने हेतु प्रेरित करना था। शिक्षकों ने विज्ञान, गणित, भूगोल, समाजशास्त्र, हिंदी सहित कई विषयों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जो शिक्षा के विविध आयामों को दर्शाती हैं।
उद्घाटन समारोह में गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रासासी पदाधिकारी *सच्चिदानंद दिवेंदु तिग्गा, उपनिदेशक JCERT **बांके बिहारी सिंह, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी **धीरसेन ए. सोरेन, एवं समन्वयक समृद्धि *चंद्रदेव सिंह ने सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ किया।
मुख्य अतिथि श्री सच्चिदानंद दिवेंदु तिग्गा ने अपने संबोधन में शिक्षकों को स्थाई शैक्षिक विकास के लिए प्रेरित किया और समृद्धि कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि श्री बांके बिहारी सिंह ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे शिक्षा में परिवर्तन लाने वाला प्रयास बताया।
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री धीरसेन ए. सोरेन ने बताया कि समृद्धि कार्यक्रम, कला उत्सव का एक अभिन्न अंग है और पिछले वर्ष इसके अंतर्गत झारखंड के दो शिक्षकों ने राष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया था। इस वर्ष भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम संचालन और निर्णायक मंडली
कार्यक्रम का संचालन श्री चंद्रदेव सिंह (खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा संघ, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद) द्वारा किया गया।
निर्णायक मंडली में *मोहम्मद सैफुल्लाह आमिर, **मणिलाल सौ साव, **मिथिलेश कुमार, **चिरंजीत नाथ, एवं *मनीषा धवन शामिल रहे, जिन्होंने शिक्षकों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।