
मेदिनीनगर/पलामू:- पलामू उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी समीरा एस ने मंगलवार को राजस्व से जुड़े सभी विभागों को राजस्व संग्रहण में तेजी लाने का निर्देश दिया।उपायुक्त ने कहा कि इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व उगाही में सभी रुकावटों को दूर करते हुए लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहें।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारी को अपने-अपने विभाग में राजस्व वसूलने के लिए किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की बात कही गयी।उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण जिले की कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा है।इस कार्य में पारदर्शिता आवश्यक है,उन्होंने पदाधिकारियों को लोगों को कर भुगतान करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।उपायुक्त समाहरणालय के सभाकक्ष में राजस्व संग्रहण की वर्तमान स्थिति पर विभागीय प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थी।
खनन क्षेत्र में राजस्व वसूली में तेजी लाये

उपायुक्त ने खनन विभाग की समीक्षा की,बताया गया कि इस वित्तिय वर्ष में अबतक वार्षिक लक्ष्य अप्राप्त है।इस दौरान पिछले वर्ष के लक्ष्य के आधार पर समीक्षा किया गया,इस दौरान पाया गया कि पिछले साल प्राप्त लक्ष्य के आधार पर अबतक 13 प्रतिशत वसूली किया गया है।ज्ञातव्य है कि वित्तिय वर्ष 2024-25 में खनन विभाग का वार्षिक लक्ष्य 41357 लाख रुपये का था।डीसी ने खान निरीक्षक को खनन के क्षेत्र में राजस्व वसूली में तेजी लाने की बात कही।उन्होंने राजस्व उगाही को लेकर कहा कि इसमें जो भी कारक बाधक हैं,उन्हें यथाशीघ्र दूर कर लक्ष्य प्राप्त करें।
परिवहन विभाग की भी हुई समीक्षा
इसी तरह परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पाया कि विभाग को वर्तमान वित्तिय वर्ष में 7608.30 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया था।जिसके विरुद्ध परिहवन विभाग द्वारा अबतक 2230.59 लाख रुपये की राजस्व वसूली कर ली गयी है।इस दौरान उपायुक्त ने डीटीओ से कहा कि अगली माह होने वाली सड़क सुरक्षा की मीटिंग में यह आंकड़ा बढ़ा मिले यह सुनिश्चित करें।
उत्पाद अधीक्षक को लगातार छापामारी करने का दिया निर्देश
उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान उत्पाद अधीक्षक ने उपायुक्त को बताया कि उत्पाद विभाग को 14000 लाख रुपए वसूली का वार्षिक लक्ष्य दिया गया था जिसके विरुद्ध जून माह तक 3117.01 लाख रुपये के राजस्व वसूली कर ली गयी है जो 22 प्रतिशत है.इसी तरह अवर निबंधन,राष्ट्रीय बचत विभाग,नगर निगम,विद्युत आपूर्ति विभाग की भी समीक्षा की गयी।इसी तरह उपायुक्त ने सरकार के विभिन्न विभागों को भूमि हस्तांतरण हेतु लंबित भूमि के विवरणी का अंचलवार समीक्षा किया गया।बैठक में पर्याप्त जानकारी नहीं होने पर पर डीसी ने हुसैनाबाद सीओ के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी से स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी बैठक में उचित जानकारी व मीटिंग से जुड़े सभी प्रतिवेदन के साथ भाग लेना सुनिश्चित करें।
भू-लगान,निबंधन,दाखिल-खारिज मामले की समीक्षा,पांकी व सदर सीओ पर राइट टू सर्विस एक्ट के तहत जुर्माना लगाने के निर्देश
बैठक में भू-लगान,निबंधन,दाखिल-खारिज, सकसेशन म्यूटेशन,पार्टीशन म्यूटेशन और भूमि सीमांकन की भी समीक्षा की गयी।इस दौरान डीसी ने म्यूटेशन के आवेदनों को समयबद्ध निष्पादन नहीं करने एवं निर्धारित अवधि से ज़्यादा दिनों तक म्यूटेशन के आवेदनों को लंबित रखने को लेकर पांकी व सदर सीओ पर राइट टू सर्विस एक्ट के तहत जुर्माना लगाने के निर्देश।इसके अलावे 2025-26 में प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य स्तरीय अधिसूचित आपदाओं से प्रभावितों को सहायता राशि स्वीकृती से संबंधित प्रतिवेदन,ई-रेवेन्यू कोर्ट का स्टेटस,लैंड डीमारकेशन,लगान कलेक्शन की भी समीक्षा की गयी।
बैठक में उपायुक्त के अलावा अपर समाहर्ता कुंदन कुमार,सदर और छत्तरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, तीनों भूमि सुधार उप समाहर्ता,
जिला भू अर्जन पदाधिकारी,
सभी अंचल अधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।