पाकुड़:- पाकुड़ अंतर्गत दादपुर पंचायत के पोखरिया गाँव के वार्ड न 1 पर जो की अनपो किस्कू व कार्तिक किस्कू की जमीन पर बना कुआँ जो कई परिवारों की प्यास बुझाता आया है,अब जर्ज़र होने के कारण धंसने की कगार पर आ चूका है। ग्रामीण बताते हैं की यह कुआँ बहुत ही पुराना है और इसका पानी अति शीतल और पेय युक्त है। ज्ञातव्य हो कि पाकुड़ के जिला बनने से पूर्व साहेबगंज जिला के अंतर्गत दादपुर पंचायत हुआ करता था, और तभी का ये कुआँ निर्मित है।हलांकि पुराने संथाल परगना प्रमंडल जिले के राजमहल तथा पाकुड़ अनुमंडल को मिलाकर, 17 मई 1983 को साहेबगंज जिला अस्तित्व में आया था।1994 में पाकुड़ अनुमंडल को अलग जिले के रूप में मान्यता मिलने से साहेबगंज जिले में केवल राजमहल तथा साहेबगंज अनुमंडल का इलाका रह गया।इस कुआँ के धसने कि खबर ग्रामीणों को होते भी जान जोखिम मे डालकर पानी भरते हैं।कुआँ मरम्मती कि बाट जोह रहा है और यदि अविलम्ब मरम्मती ना की गई तो कुआँ के धसने से किसी अनहोनी घटना के होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआँ हमारे पूर्वजों कि निशानी भी है। हमारे पिता व दादा इसी कुआँ के पानी पीते थे। इसीलिए अब हम ग्रामीणों कि भी जिम्मेदारी है कि इस कुआँ को बचाये रखना। हलांकि ग्रामीणों ने अपने प्रतिनिधि से इस सम्बन्ध मे बात भी की किन्तु कोई फायदा नहीं हुआ। अतः विभाग से अपील है की मामले को संज्ञान मे लेकर त्वरित कार्यवाही की जाए, जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल की समस्या उत्पन्न ना हो।