DUMKA:-इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी ) जामा द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार की ओर अग्रसर करने के लिए आरसेटी में कृषि उद्यमी का 13 दिवसीय नि :शुल्क आवसीय प्रशिक्षण दिया गया।जिसमें दुमका जिले के विभिन्न प्रखण्डों से आई 35 महिलाओं ने कृषि उद्यमी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। आरसेटी के निदेशक पंकज कुमार चौधरी एवं संकाय सदस्यों ने मिलकर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया एव उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।आरसेटी के निदेशक पंकज कुमार चौधरी ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश हैं, बिना कृषि के सब कुछ अधूरा हैं और भारत की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित हैं। कृषि उद्यमी प्रशिक्षण के द्वारा प्रशिक्षणर्थियों को नई नई तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई, जिससे वह एक सफल उद्यमी बनकर आगे बढ़े। साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में काफ़ी संभावनाएँ हैं।जरुरत हैं तो इस क्षेत्र में हो रही प्रगति को पहचानने और अपनाने की।साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि को ऊधम के रूप में अपनाकर कार्य करने से निश्चित ही सफलता मिलेगी। इस दिशा में आरसेटी का प्रशिक्षण निसंदेह कारगर साबित हो रहा हैं। जमशेदपुर से आये प्रशिक्षक संजीव कुमार माथुर ने सभी प्रशिक्षुओं को कृषि के लिए तकनीकी, मिट्टी की पहचान, मानसून पैटर्न, मिट्टी की जाँच एवं उपचार,जैविक कृषि, होर्टिकल्चर, गाय पालन, मछली पालन, क्रॉप प्लानिंग इत्यादि विषय को विस्तार से बतलाएं। मौके पर संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य उत्पल कुमार लाहा ने कहा कि संस्थान बेरोजगारों को पहचान कर उनके इच्छा के अनुसार चयनित विषय पर नि :शुल्क प्रशिक्षण देती हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान के द्वारा आने वाले दिनों में संस्थान के द्वारा लोगों को विभिन्न कार्यक्रमों जैसे – मशरूम उत्पादन, सब्जी नर्सरी प्रबंधन एवं खेती, महिला वस्त्र निर्माण, सेल फोन रिपेयरिंग, दो पहिया मरम्मती, आदि अनेक प्रकार के प्रशिक्षण दिये जाने हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षुओं का अंतिम मूल्यांकन भारत सरकार द्वारा कराया गया। इस मौके पर,संकाय सदस्य उत्पल कुमार लाहा, अमरदीप कुमार, कार्यालय सहायक मनोज कुमार सिंह , संजय सोरेन एवं अन्य उपस्थित थे।