दुमका:- इंडियन बैंक प्रायोजित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान जामा दुमका में चल रहे दस दिवसीय नि:शुल्क डेयरी फार्मिंग एवं वर्मी कंपोस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन रविवार को किया गया. प्रशिक्षण में जामा, काठीकुंड प्रखंड के 35 सफल ग्रामीणों को प्रमाण पत्र दिया गया.इस अवसर आरसेटी के फैकल्टी उत्पल कुमार लाहा ने कहा कि आज के हालात में हर व्यक्ति को अपना जीवन स्तर सुधारने के लिए आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है. उन्होनें कहा कि योग्य,प्रशिक्षित व कुशल व्यक्तियों की मांग हमेशा बनी रहती है।
कार्यक्रम समन्वयक अमरदीप कुमार ने सभी ग्रामीण प्रशिक्षुओं का आह्वान किया कि डेयरी फार्मिंग व वर्मी कंपोस्ट को स्वरोजगार के रुप में अपनाएं तथा राज्य के आर्थिक विकास में भागीदारी बनें.उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे स्वरोजगार अपनाकर अपने जीवन को मजबूत तथा आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकते हैं. साथ ही उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि अब आप अपने क्षेत्र में उधम को शुरु करें और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनें ताकि आने वाले युवाओं में स्वरोजगार के प्रति विश्वास बढ़े और इसे अपनाने में गर्व महसूस कर सके।.देवघर से आये प्रशिक्षक परिमल सिंह ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को डेयरी फार्मिंग एवं वर्मी कंपोस्ट प्रशिक्षण के दौरान गाय/भैंस की नस्ल पहचानने, देसी गायों की नस्ल का उन्नयन, डेयरी फार्मिंग की संभावनाएं, कृत्रिम गर्भाधान, बछड़ा पालन एवं प्रबंधन,विभिन्न बीमारियां एवं उनका नियंत्रण सहित जैविक खेती, गोबर और मूत्र का उपयोग, वर्मी कंपोस्ट के तरीके, अजोला घास तैयार करना, साथ ही गोबर से केंचुआ खाद बनाने, वर्मी पिट आदि तैयार करना बतलाए.इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षुओं का अंतिम मूल्यांकन भारत सरकार द्वारा कराया गया। इस मौके पर संकाय सदस्य उत्पल कुमार लाहा, अमरदीप कुमार, उपस्थित थे।.