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विकास, भ्रष्टाचार ,बेरोजगारी रोजगार जैसे मुद्दे किसी राजनीतिक दल के चुनावी एजेंडा में नहीं,

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विकास, भ्रष्टाचार ,बेरोजगारी रोजगार जैसे मुद्दे किसी राजनीतिक दल के चुनावी एजेंडा में नहीं,

बसंत कुमार गुप्ता व्यूरो प्रमुख गुमला,2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल के पास चुनावी एजेंडा जनता के लिए नहीं देखी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस पार्टी एवं अन्य राजनीतिक संगठन विकास, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी ,रोजगार जैसे मुद्दे को चुनावी मुद्दा नहीं बना कर जाति धर्म के नाम पर वोट…

विकास, भ्रष्टाचार ,बेरोजगारी रोजगार जैसे मुद्दे किसी राजनीतिक दल के चुनावी एजेंडा में नहीं,
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विकास, भ्रष्टाचार ,बेरोजगारी रोजगार जैसे मुद्दे किसी राजनीतिक दल के चुनावी एजेंडा में नहीं,
  • लोकसभा चुनाव 2024 में जाति धर्म के नाम पर वोट लेने की जुगाड़ में भाजपा कांग्रेस व अन्य राजनीतिक पार्टियां


बसंत कुमार गुप्ता व्यूरो प्रमुख गुमला,
2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल के पास चुनावी एजेंडा जनता के लिए नहीं देखी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस पार्टी एवं अन्य राजनीतिक संगठन विकास, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी ,रोजगार जैसे मुद्दे को चुनावी मुद्दा नहीं बना कर जाति धर्म के नाम पर वोट लेने की जुगाड़ में लग गए हैं। जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी एजेंडा श्री राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण के प्राण प्रतिष्ठा के साथ हिंदुत्व वोट को जागृत करने का कार्य किया है। हिंदुत्व वोट को जागृत करने के लिए पूरे देश में श्री राम लला के दर्शन की योजना बना कर कार्य की जा रही है। इसके तहत भारतीय जनता पार्टी के द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्र से राम लला के दर्शन के लिए लोगों की सूची बनाकर अयोध्या भेजने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। वहीं कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक पार्टियों सर्वधर्म की ओर निगाहें टिकाएं हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के द्वारा मोदी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल डीजल गैस सिलेंडर के दामों में बेतहाशा वृद्धि,महंगाई भ्रष्टाचार बेरोजगारी नोटबंदी जीएसटी, बैंक , रेल , एयरलाइंस के निजीकरण का हवाला देते हुए लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी को उखाड़ फेंकने के लिए मुहिम चला दी गई है और विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ गठजोड़ बनाकर 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी की जा रही है। भाजपा के चुनावी एजेंडा में भी रोजगार और नौकरी जैसे मुद्दे गौण नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले दो चुनाव पूर्व मोदी सरकार भी महंगाई भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर मुखर हुई थी और लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर सरकार बनाई थी। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद भी पेट्रोल डीजल गैस सिलेंडर के दामों में कमी नहीं आई और मूल्य में दोगुनी वृद्धि हो गई। रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराने में केंद्र की सरकार कुछ विशेष नहीं कर सकी। जिसके कारण युवा पीढ़ी ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जहां बैंक रेल और एयरलाइंस के निजीकरण होने से रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं।

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  1. BusinesAfair Avatar

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