उपायुक्त व अपर समाहर्ता ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र, ईआरके किट व हस्तपुस्तिका का किया वितरण
पाकुड़।जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संचालित युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित युवाओं ने उत्साह एवं समर्पण के साथ भाग लिया।
समापन समारोह के अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार एवं अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के बीच प्रमाण-पत्र, ईआरके (इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट) तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित हस्तपुस्तिका का वितरण किया।
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि आपदाएं मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं—प्राकृतिक आपदा एवं मानव जनित आपदा। प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन पूर्व तैयारी, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कई बार लापरवाही एवं नियमों की अनदेखी के कारण मानव जनित आपदाएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण प्राप्त युवा आपदा के समय समाज के लिए मजबूत सहायक सिद्ध होंगे तथा राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उपायुक्त ने आग लगने, बाढ़, भूकंप, डूबने जैसी आपात परिस्थितियों में बचाव के उपाय, प्राथमिक उपचार एवं राहत कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने विभिन्न संस्थानों में नियमित रूप से मॉक ड्रिल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे आपदा के समय त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि युवा आपदा मित्र योजना युवाओं में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उपायुक्त ने प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन से संबंधित जागरूकता फैलाएं तथा प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर समाज की सेवा करें।