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बरहेट पहुंची जनहित पार्टी की ‘घुसपैठियों भगाओ, देश बचाओ’ यात्रा

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बरहेट पहुंची जनहित पार्टी की 'घुसपैठियों भगाओ, देश बचाओ' यात्रा

बरहेट (बरहरवा)। जनहित पार्टी द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठ के विरोध में चलाए जा रहे ‘घुसपैठियों भगाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत सोमवार को यात्रा दल बरहेट पहुंचा। यह यात्रा 8 जून 2025 को देवघर जिले से आरंभ हुई थी, जो 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर देवघर में समापन करेगी। यात्रा का उद्देश्य संथाल परगना के प्रत्येक जिले और प्रखंडों में नागरिक जागरूकता फैलाना है।

बरहेट में यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक क्रांति स्थल पंचकठिया से की गई, जो शिवगादी तक पहुँची। इस दौरान यात्रा दल ने बाजारों, चौक-चौराहों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों के बीच जनजागरूकता अभियान चलाया। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को अभियान से संबंधित पत्रक वितरित किए गए, साथ ही “घुसपैठियों को नागरिकता क्यों?” जैसे नारों वाले स्टिकर चिपकाए गए।

यात्रा के दौरान जनहित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शन किया। नागरिकों को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ केवल एक सीमापार प्रवासन की समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ से न केवल स्थानीय संसाधनों और रोजगार पर दबाव बढ़ता है, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक असंतुलन और आपराधिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।

अभय जैन ने दावा किया कि भारत में लगभग तीन करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठिए मौजूद हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में असम में एनआरसी की खामियों के चलते नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं। संथाल परगना क्षेत्र को लेकर उन्होंने चिंता जताई कि सीमावर्ती होने के कारण यहां भी घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में संथाली लड़कियों को बहला-फुसलाकर हजारों एकड़ भूमि पर कब्जा किया गया है।

यात्रा में पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री मनीष काले, वरिष्ठ नेता निरंजन जायसवाल, आलोक तिवारी, रमाकांत प्रसाद, इंद्रजीत शर्मा, झारखंड प्रभारी विशाल बिंदल सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।

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