लातेहार। लातेहार जिला परिषद कार्यालय में 15वें वित्त आयोग मद से संचालित विकास योजनाओं की निविदा प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं की चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर कुछ संवेदकों द्वारा खुलेआम टेंडर मैनेजिंग किए जाने के आरोप लग रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ संवेदक आपसी समझौते के तहत निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि योजनाओं को पहले से ही आपस में बांटने की रणनीति बनाई जा रही है, जिससे वास्तविक प्रतिस्पर्धा खत्म हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार लातेहार प्रखंड क्षेत्र में 16 योजनाओं के लिए कुल 184 बीक्यू (BOQ) की खरीदारी की गई है, जबकि बालूमाथ प्रखंड में 17 योजनाओं के लिए 102 बीक्यू खरीदे गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में बीक्यू खरीदे जाने के बाद संवेदकों के बीच टेंडर को मैनेज करने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह पूरा खेल जिला परिषद अध्यक्ष कार्यालय के आसपास संचालित हो रहा है। संवेदक कार्यालय परिसर में बैठकर आपसी सहमति से टेंडर फाइलों को मैनेज करने की रणनीति बनाते देखे जा रहे है। इससे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
टेंडर में शामिल योजनाओं में अखरा एवं शेड निर्माण, तालाब निर्माण, छठ घाट के पास स्नानागार निर्माण, नाली निर्माण, पीसीसी सड़क निर्माण, गार्डवाल निर्माण तथा सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
इस संबंध में जब टेलिफोनिक माध्यम से जिला परिषद अधिकारियों से यह जानने की कोशिश की गई कि टेंडर के लिए कितने लोगों ने फॉर्म भरे हैं, तो विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। समाचार लिखे जाने तक निविदा प्रक्रिया जारी थी।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।