जमशेदपुर: जमशेदपुर के मनीफीट चौक पर अंचल प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान बुलडोजर चलाकर करीब दर्जन भर दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अभियान शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया गया कि अंचल कार्यालय की ओर से दुकानदारों को 2 मार्च को नोटिस दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को अचानक कार्रवाई शुरू कर दी गई। जैसे ही बुलडोजर पहुंचा, दुकानदार आनन-फानन में अपनी दुकानों से सामान निकालने लगे, लेकिन कई दुकानों को तोड़े जाने के समय उनमें अभी भी सामान रखा हुआ था।
कार्रवाई पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब ये दुकानें बन रही थीं, तब अधिकारी कहां थे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पहले जमीन दलालों के जरिए सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कराया जाता है और बाद में प्रशासन बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करता है, जिससे आम लोग ठगे जाते हैं।
25 साल से चला रहे थे दुकान
दुकानदारों का कहना है कि वे करीब 25 वर्षों से यहां दुकान चला रहे थे, लेकिन उन्हें सामान हटाने तक का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। अभियान के दौरान एक ढाबा भी तोड़ा गया। बताया गया कि ढाबा संचालक पास की खाली जमीन पर गिट्टी और बालू का कारोबार भी कर रहा था, जिसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी पुलिस बल के बीच चला अभियान
करीब दोपहर 1 बजे टाटा स्टील के अधिकारी और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) के अधिकारी मनीफीट चौक पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
अभियान के दौरान दुकानदारों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने विरोध भी किया, लेकिन मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के कारण बड़ा विरोध नहीं हो सका। बाद में दुकानदारों ने धरना देना शुरू कर दिया।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि कोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। अभियान के दौरान अंचल अधिकारी मनोज कुमार भी मौजूद रहे।