पाकुड़। रविवार को पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत झिकरहट्टी पूर्वी ग्राम पंचायत का उपायुक्त द्वारा व्यापक एवं सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के क्रम में मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं—जल संरक्षण संरचनाएं, बिरसा हरित ग्राम, दीदी बाड़ी एवं अन्य परिसंपत्ति निर्माण कार्यों—का स्थल पर जाकर अवलोकन किया गया। उपायुक्त ने मजदूरों को समय पर भुगतान, कार्यों की गुणवत्ता तथा परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक उपयोग को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सामुदायिक भागीदारी बढ़ाकर योजनाओं को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
महिला समूहों की आजीविका पर विशेष जोर
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने समूहों के उत्पादन, विपणन एवं वित्तीय प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी एवं विद्यालयों का निरीक्षण
आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण, प्री-स्कूल गतिविधियों एवं अभिलेख संधारण की जांच की गई। उपायुक्त ने कुपोषण उन्मूलन तथा नशा मुक्त पंचायत के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु नियमित मॉनिटरिंग एवं सामुदायिक सहयोग सुनिश्चित करने को कहा।
विद्यालय निरीक्षण के दौरान नामांकन, उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, आधारभूत संरचना एवं शिक्षण गुणवत्ता की समीक्षा की गई। उन्होंने शिक्षकों को सीखने के परिणामों में सुधार हेतु नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पंचायत सचिवालय में पारदर्शिता पर बल
पंचायत सचिवालय के निरीक्षण में अभिलेखों के संधारण, नागरिक सेवाओं की उपलब्धता एवं जन शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्ध सेवा वितरण को सुशासन की आधारशिला बताते हुए इसे सुदृढ़ करने पर बल दिया।
सखी मार्ट का उद्घाटन
इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा सखी मार्ट का उद्घाटन भी किया गया। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित यह सामुदायिक विपणन केंद्र स्थानीय उत्पादों के विपणन का सशक्त मंच बनेगा। यह पहल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उपायुक्त ने कहा, “ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों से कार्य करें ताकि प्रत्येक पात्र लाभुक तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे।”
निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री समीर अल्फ्रेड मुर्मू, अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया, डीपीएम जेएसएलपीएस प्रवीण मिश्रा, डीपीएम ई-पंचायत आनंद प्रकाश, बीपीओ अजित टुडु, जिला समन्वयक सुमन मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं उपस्थित थीं।