पंकज कुमार यादव,
गारू : बारेसांड़ वन क्षेत्र में नए रेंजर तरुण सिंह के पदस्थापन को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को लाटू, कुजरुम और बारेसांड़ गांव के सैकड़ों ग्रामीण कुजरुम में एकजुट हुए और ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव की अध्यक्षता में बैठक कर प्रशासन के फैसले के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “तरुण सिंह वापस जाओ” के नारे लगाए और पदस्थापन रद्द करने की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तरुण सिंह पूर्व में भी बारेसांड़ रेंज में रेंजर रह चुके हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में स्थानीय लोगों को वन विभाग के कार्यों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले थे। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय विभागीय योजनाओं में बिचौलियों का हस्तक्षेप बढ़ गया था, जिससे जरूरतमंद ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाया और क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया था।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि वर्तमान में तरुण सिंह मनोहरपुर रेंज में पदस्थापित हैं, जो बारेसांड़ से करीब 300 किलोमीटर दूर है, और उन्हें यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार इतनी दूर से प्रभावी निगरानी संभव नहीं है, जिससे वन सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका है।
वहीं ग्रामीणों ने निवर्तमान रेंजर नंदकुमार महतो के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके समय में वन संरक्षण मजबूत हुआ था और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले थे। इससे ग्रामीणों की आजीविका में सुधार हुआ और वन संरक्षण में उनकी भागीदारी भी बढ़ी।
ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्य वन संरक्षक को आवेदन भेजकर तरुण सिंह का पदस्थापन रद्द करने और नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांड़ रेंज में पदस्थापित करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय विधायक से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
बैठक में ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव, संजय उरांव, मंगलू उरांव, फूलचंद उरांव, आरती देवी, रीना देवी, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।