लातेहार। “संस्कारित, शिक्षित और आत्मनिर्भर गांव” के संकल्प को लेकर कार्यरत एकल अभियान के तत्वावधान में लातेहार अंचल में श्री हरि कथा प्रसार योजना अंतर्गत संस्कार शिक्षा अंचल स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन बुधवार को श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर परिसर में किया गया। कार्यक्रम भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता की भावना से ओतप्रोत रहा।
आयोजन की शुरुआत पारंपरिक वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। गांव-गांव से आई सत्संग मंडलियों ने गीत, संगीत और लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों से पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। भजनों की मधुर स्वर लहरियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण अभिभावक, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नैतिक मूल्यों, धार्मिक आस्था, संस्कार शिक्षा और सामाजिक एकता को मजबूत करना था। वक्ताओं ने कहा कि एकल अभियान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज जागरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और संगठन के माध्यम से गांवों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान है। श्री हरि कथा प्रसार योजना के तहत आयोजित यह प्रतियोगिता ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने और उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी।
कार्यक्रम के दौरान सरना धाम डोर कोच गारू के छात्रों की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी भावपूर्ण झांकी और नृत्य प्रस्तुति को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो ब्रजमंडल वृंदावन की छटा लातेहार में साकार हो उठी हो। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्रतियोगिता में सरगमदाग, विश्रामपुर, जोरी सखुवा, दुमुहान, अंबा झारन, सेमरिया, छाता सेमर, बिशुनपुर, मुरपा, गोताग, चोरहा, कड़िमा, मनसिंघा, तुवेद एवं डार खोंचा सहित अनेक गांवों की सत्संग मंडलियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी मंडलियों ने अपने-अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं, भक्ति गीतों और लोकनृत्य के माध्यम से संस्कार और समरसता का संदेश दिया।
निर्णायक मंडल में श्री नरेंद्र प्रसाद सिंह, श्री मनमोहन राम एवं गया प्रसाद जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रस्तुतियों का सूक्ष्म मूल्यांकन करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समूहों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देते हैं और बच्चों-युवाओं में आत्मविश्वास का संचार करते हैं।
लातेहार अंचल समिति की ओर से श्रीमती सुशीला देवी (अंचल मां), श्री अभिनंदन प्रसाद (अंचल अध्यक्ष), श्री मनमोहन राम (श्री हरि कथा प्रसार योजना अध्यक्ष सह उपाध्यक्ष कार्यकारिणी समिति), श्री उदित राम (संस्कार शिक्षा उपाध्यक्ष), श्री संजय कुमार तिवारी (अंचल संरक्षक), श्री राजीव रंजन पांडेय (संस्कार अंचल सचिव) तथा श्री बिरेंद्र प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कारित गांव निर्माण की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।
सेवाव्रती कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका आयोजन की सफलता का आधार रही। श्री राजकिशोर यादव (प्रभाग P3 व्यास), श्री अखिलेश सिंह (भाग अभियान प्रमुख लोहरदगा सह अंचल पालक लातेहार), अवध किशोर यादव (अंचल अभियान प्रमुख लातेहार), राहुल कुमार (अंचल कार्यालय प्रमुख), विनोद कुमार सिंह (अंचल गतिविधि प्रमुख), रविंद्र यादव (अंचल व्यास) सहित बहादुर प्रजापति, राजेश उरांव, रामवृक्ष यादव, जय प्रकाश भगत, सिकिंदेव भगत, राजकरम सिंह एवं चंद्र किशोर सिंह ने समर्पित भाव से सहयोग प्रदान किया।
वक्ताओं ने कहा कि जब गांव शिक्षित और संस्कारित होंगे, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। एकल अभियान शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, स्वावलंबन और संगठन पर विशेष बल देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे एकल विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को मूलभूत शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है, जिससे वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और अतिथियों ने सामूहिक रूप से संस्कारित गांव निर्माण का संकल्प दोहराया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही गांवों में सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का संरक्षण संभव है।