- स्वांग वाशरी स्लरी साइड के मजदूरों ने की बैठक, निष्पक्ष जांच की मांग
गोमिया।स्वांग वाशरी के स्लरी साइड में शुक्रवार को मजदूरों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राजू कुमार चौहान ने की। बैठक में मजदूर बिनोद रजक ने आरोप लगाया कि सीसीएल प्रबंधन द्वारा वर्ष 2017 से गलत तरीके से नौकरी से बैठा दिया गया है, जिसके कारण आज तक मजदूर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
बिनोद रजक ने कहा कि सीसीएल द्वारा की गई जांच निष्पक्ष नहीं है, इसलिए उसे खारिज किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे लोग बचपन से स्वांग वाशरी स्लरी साइड में कार्य करते आ रहे थे, लेकिन कुछ लोगों द्वारा गलत रिपोर्ट देने के कारण सीसीएल ने उन्हें काम से बैठा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मजदूर नेता मुमताज आलम द्वारा भी उन्हें गलत बताया जा रहा है, जो सरासर अनुचित है।
उन्होंने दावा किया कि वे सभी 58/92 के एवार्डी मजदूर हैं तथा यह मामला अभी भी ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। मजदूरों ने बताया कि वे कई बार सीसीएल के जीएम एवं सीएमडी से मिलने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन अब तक मुलाकात नहीं हो सकी है। मजदूरों का कहना है कि केवल उम्र के आधार पर उन्हें गलत ठहराया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि वे गलत हैं तो मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि पुनः नौकरी पाने के लिए वे माननीय न्यायालय की शरण भी लेंगे।
बैठक में राजू कुमार चौहान, बिनोद रजक, विशेश्वर चौहान, प्रदीप विश्वकर्मा, राजा राम, सुरेश गोप, लखन रविदास, पूनम देवी, उर्मिला देवी, फुलेश्वरी देवी, छोटन मांझी, भूखन गोप, पानमति देवी, आको देवी, लक्ष्मी देवी, रामबाई, द्रोपदी बाई, पुनाराम यादव सहित कई मजदूर उपस्थित थे।
इधर, इस संबंध में झामुमो के जिला उपाध्यक्ष एवं मजदूर नेता मुमताज आलम ने कहा कि सीसीएल द्वारा बर्खास्त किए गए कुछ मजदूरों की पहचान एक मजदूर नेता द्वारा गलत तरीके से कराई गई थी, साथ ही उन्हें गलत सलाह भी दी गई। उन्होंने बताया कि सूबे के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में सीसीएल के डायरेक्टर (टेक्निकल), सीसीएल महाप्रबंधक एवं झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन, कथारा एरिया के पदाधिकारियों की उपस्थिति में सही मजदूरों की पहचान की गई है।