बिना जांच असली मजदूरों को कार्य से बैठाने का आरोप, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गोमिया:सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग स्लरी में कार्यरत 142 मजदूरों को गलत व्यक्ति बताकर कार्य से बैठाए जाने के विरोध में बुधवार को मजदूरों ने कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बताया कि बिना समुचित जांच के सीसीएल प्रबंधन ने असली मजदूरों एवं उनके आश्रितों को काम से हटा दिया। मजदूरों का कहना है कि इस मामले में वे हजारीबाग, धनबाद होते हुए सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली तक गए, जहां से उन्हें न्यायालय में जीत मिली। बावजूद इसके अब तक उन्हें पुनः नियुक्ति नहीं दी गई है।
कार्य से बैठाए गए मजदूरों हीरालाल चौहान, राजू कुमार चौहान, अमित चौहान सहित अन्य ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद 324 मजदूरों को नौकरी देने का आदेश मिला था। पहले चरण में 142 मजदूरों को नियुक्ति दी गई, जबकि शेष 182 मजदूरों को अब तक नौकरी नहीं मिल पाई। इन 142 मजदूरों ने करीब छह वर्ष नौ माह तक कार्य किया, लेकिन बाद में फर्जी बहाली का हवाला देकर सभी को काम से बैठा दिया गया।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि जिनकी नियुक्ति फर्जी थी, उन्हें हटाने के बजाय वास्तविक मजदूरों को भी कार्य से बैठा दिया गया, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। मजदूरों की उम्र काफी हो चुकी है और उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। मजदूरों एवं उनके परिवार के सामने भूखमरी की स्थिति बन गई है।
मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र असली मजदूरों को पुनः नियुक्ति नहीं दी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और अंतिम चरण तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
प्रदर्शन में बिनोद रजक, लखन रविदास, प्रदीप विश्वकर्मा, मनोज कुमार यादव, विशेश्वर चौहान, पुनीराम यादव, छोटन मांझी, सुरेश गोप, भुखन गोप, जगदीश गोप, रघुनाथ गोप, तुलसी गोप, राजा राम, मोहन सतनामी, तुला राम, पूनम देवी, उर्मिला देवी, भखला केवट समेत बड़ी संख्या में मजदूर व उनके परिजन उपस्थित थे।