पाकुड़। फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से आगामी मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन–आईडीए (एमडीए-आईडीए) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु सिविल सर्जन, पाकुड़ श्री सुरेन्द्र कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह अभियान जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।
कार्यशाला के दौरान जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी द्वारा एमडीए-आईडीए कार्यक्रम का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें दवा वितरण व्यवस्था, लक्षित आबादी तक पहुँच, निगरानी तंत्र एवं रिपोर्टिंग प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला बीवीडी पदाधिकारी डॉ. अमित ने अभियान की सफलता के लिए समुदाय की सहभागिता एवं दवा सेवन अनुपालन बढ़ाने हेतु जन-जागरूकता तथा आईईसी/बीसीसी गतिविधियों की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया।
इसके साथ ही कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, जेएसएलपीए, पंचायती राज सहित सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय एवं सहयोग को मजबूत करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन श्री सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन जैसे जन-स्वास्थ्य अभियान की सफलता के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व, समयबद्ध योजना एवं सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के दौरान कोई भी लक्षित व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे, इसके लिए क्षेत्र स्तर पर सतत निगरानी एवं प्रभावी सुपरविजन सुनिश्चित किया जाए।
उन्मुखीकरण कार्यशाला का समापन जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी संबंधित विभागों ने समन्वय, निगरानी एवं सामुदायिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।