लातेहार। जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में बुधवार को समाहरणालय परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय विधायक श्री रामचंद्र सिंह शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश आज कई गंभीर संकटों से जूझ रहा है—इंडिगो फ्लाइट की घटनाएं, दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण, जंगलों की कटाई जैसे अहम मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन भाजपा सरकार इन पर ध्यान देने के बजाय कांग्रेस द्वारा चलाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलने में लगी है।
विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य गरीब और मजदूरों के हक छीनकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जो लोग 2014 में अपने कार्यालयों में तिरंगा नहीं फहराते थे, वे आज देशभक्ति का नाटक कर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं। मनरेगा का नाम बदलकर गांधीजी के नाम को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला अध्यक्ष कामेश्वर यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर नाम बदलकर महात्मा गांधी के नाम को मिटाना चाहती है, लेकिन गांधीजी लोगों के दिलों में बसते हैं, उन्हें मिटाना असंभव है।
अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष नसीम अंसारी ने कहा कि मनरेगा योजना गरीब और मजदूर वर्ग को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से लाई गई थी, जिसमें पहले 90 प्रतिशत भुगतान केंद्र सरकार करती थी। अब इसे बदलकर 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर डाल दिया गया है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और योजना बाधित होने की आशंका है।
वरिष्ठ कांग्रेसी सुरेंद्र भारती ने कहा कि भाजपा सरकार शुरू से ही गरीबों और मजदूर वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने का काम कर रही है और पूंजीपति वर्ग के हित में नीतियां बना रही है। युवा जिला अध्यक्ष अमित यादव ने कहा कि भाजपा गांधीजी के नाम को मिटाकर गोडसे को आगे लाना चाहती है, लेकिन यह भूल रही है कि गांधी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिनकी प्रतिमाएं आज भी 80 से अधिक देशों में स्थापित हैं।
धरना-प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, पिंटू सिंह, गूंजर उरांव, बबीता देवी, रवींद्र राम, रामनंदन उरांव, मनोज यादव, हसमद अंसारी, फूलचंद यादव, प्रखंड अध्यक्ष लाडले खान, प्रिंस गुप्ता, दरोगी यादव, अख्तर अंसारी, मोती उरांव, शमशुल अंसारी, हेसामुल अंसारी, बृंद बिहारी यादव, विश्वनाथ पासवान, प्रदीप यादव, तेतर यादव सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।