बस्तर के बदले हुए हालात का परिचायक: आजादी के बाद पहली बार मोबाइल नेटवर्क से जुड़ा गांव

बस्तर के बदले हुए हालात का परिचायक: आजादी के बाद पहली बार मोबाइल नेटवर्क से जुड़ा गांव

Views: 48
0 0
Read Time:6 Minute, 11 Second
बस्तर के बदले हुए हालात का परिचायक: आजादी के बाद पहली बार मोबाइल नेटवर्क से जुड़ा गांव

भारत के छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग को लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता रहा है। घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और सड़क–संचार सुविधाओं के अभाव ने इस क्षेत्र को मुख्यधारा से दशकों तक दूर रखा। कई गांव ऐसे थे जहां सरकारी योजनाओं की पहुंच बेहद सीमित थी। लेकिन हाल ही में एक ऐतिहासिक घटना सामने आई—बस्तर का एक दूरस्थ गांव, जिसे कभी माओवादियों का गढ़ कहा जाता था, आजादी के बाद पहली बार मोबाइल नेटवर्क से जुड़ गया। यह सिर्फ तकनीकी प्रगति का प्रतीक नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास की बढ़ती लहर का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

संचार से अलग-थलग एक पूरा इलाका

लगभग सात दशक से अधिक समय तक इस गांव के लोग देश-दुनिया से कटे हुए थे। मोबाइल फोन रखना यहां बेमानी था, क्योंकि नेटवर्क ही नहीं था। किसी जरूरी सूचना के लिए लोगों को किलोमीटरों पैदल चलना पड़ता था। स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सूचनाएं गांव तक पहुंचने में कई दिन लग जाते थे। आपातकालीन स्थितियों में तो हालात और भी गंभीर हो जाते थे—बीमार मरीजों को अस्पताल तक ले जाने या पुलिस-प्रशासन को किसी घटना की जानकारी देने में काफी देरी हो जाती थी।

इन परिस्थितियों ने इस क्षेत्र को नक्सलियों के लिए उपजाऊ जमीन बना दिया था। संचार की कमी, सरकारी पहुंच का अभाव और विकास कार्यों में बाधा ने ग्रामीणों को तेजी से मुख्यधारा से दूर कर दिया था।

सरकार की पहलों ने बदली तस्वीर

पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार ने बस्तर में संचार सेवाओं का विस्तार एक प्राथमिकता के रूप में लिया है। LWE (Left Wing Extremism) प्रभावित क्षेत्रों में 4G टावर लगाने की राष्ट्रीय परियोजना, BSNL की ग्रामीण कनेक्टिविटी योजनाएं और प्रशासन का लगातार प्रयास इस बदलाव का आधार बने।

कई जगह सुरक्षा कारणों से टावर स्थापित करना आसान नहीं था, लेकिन सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों ने इन चुनौतियों को पार किया। नतीजतन, वह गांव जो कभी सुरक्षा कारणों से माओवादियों के नियंत्रण में माना जाता था, आज मोबाइल नेटवर्क के साथ डिजिटल इंडिया की मुख्यधारा में आ खड़ा हुआ है।

गांव में खुशियों की लहर

गांव में नेटवर्क पहुंचते ही लोगों के चेहरों पर जो खुशी देखने को मिली, वह वर्षों की वंचना के खत्म होने की खुशी थी। बच्चे पहली बार ऑनलाइन वीडियो देख सके, युवाओं ने इंटरनेट खोलकर अपने भविष्य से जुड़ी संभावनाएं देखीं, कई परिवारों ने दूर शहरों में रहने वाले अपने परिजनों से वीडियो कॉल पर बात कर भावुक पल साझा किए।

पहले जो फॉर्म भरने या स्कूल–कॉलेज में एडमिशन के लिए शहर जाना पड़ता था, अब वही काम मोबाइल से हो सकेंगे। सरकारी योजनाओं जैसी—

  • उज्ज्वला,
  • पीएम आवास,
  • मनरेगा,
  • राशन कार्ड,
  • पेंशन योजना—
    की जानकारी और स्टेटस भी गांव बैठे मिल सकेगा।

शिक्षा और रोजगार पर बड़ा प्रभाव

ग्रामीण छात्र अब ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बना सकते हैं। युवाओं को रोजगार से संबंधित जानकारी जैसे नौकरी के नोटिफिकेशन, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और ऑनलाइन ट्रेनिंग का लाभ मिलेगा।

किसानों को मौसम, फसल सलाह और बाजार भाव की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार

पहले स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता था। अब डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श, एम्बुलेंस की तुरंत बुकिंग और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।

एक नए युग की शुरुआत

यह घटना सिर्फ एक तकनीकी सुविधा उपलब्ध होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह बस्तर के धीरे-धीरे बदलते सामाजिक–आर्थिक परिदृश्य का संकेत है। नेटवर्क पहुंचना इस बात का प्रतीक है कि राज्य प्रशासन, सुरक्षा बल और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से अब वह अंधेरा छंट रहा है जिसने दशकों तक बस्तर को विकास से दूर रखा।

अब गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले वर्षों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और रोजगार के अवसर भी उसी तेजी से बढ़ेंगे जैसे डिजिटल नेटवर्क पहुंचा है।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

More From Author

एवीबीपी के कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के बीच किया कंबल का वितरण

एवीबीपी के कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के बीच किया कंबल का वितरण

गोवा के मशहूर नाइटक्लब में भीषण आग: 25 की मौत,कई घायल;अवैध निर्माणऔर सुरक्षा खामियों पर उठे सवाल

गोवा के मशहूर नाइटक्लब में भीषण आग: 25 की मौत,कई घायल;अवैध निर्माणऔर सुरक्षा खामियों पर उठे सवाल

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Web Stories

ताजा खबरें

local news

add

Post