तेनुघाट अधिवक्ता संघ भवन में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती सह अधिवक्ता दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माला अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
समारोह के दौरान दिव्यांग अधिवक्ताओं—अवधेश प्रसाद, सुरेश प्रसाद महतो, राकेश कुमार, जय प्रकाश तिवारी, सुजीत कुमार डे, बिपिन कुमार अड्डी, प्रमोद कुमार सिंह और चंदू विश्वकर्मा—को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान, अधिवक्ता दिवस के महत्व तथा दिव्यांग अधिवक्ताओं की भूमिका पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दिव्यांग अधिवक्ता अपनी चुनौतियों के बावजूद अपने मुवक्किलों के कार्य को पूरी निष्ठा और मेहनत से करते हैं और निरंतर सफलता अर्जित कर रहे हैं।
समारोह में वरीय अधिवक्ता राम विश्वास महथा, सत्य नारायण दे उर्फ मंटू बाबू, बासु कुमार दे ने भी कानूनी विषयों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज के बुद्धिजीवी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं और कानून व न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं।
मंच संचालन कर रहे संघ के महासचिव वकील प्रसाद महतो ने दिव्यांग अधिवक्ताओं की मेहनत, लगन और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वे हर परिस्थिति में अपने कार्य को पूरी तत्परता से निभाते हैं, इसी कारण वे अपने पेशे में निरंतर सफल होते हैं।
समारोह में अधिवक्ता संघ के कई सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।