लातेहार। शारदीय नवरात्र के अवसर पर जहाँ भक्तजन माता दुर्गा की पूजा–अर्चना विभिन्न तरीकों से कर रहे हैं, वहीं लातेहार जिले की पोचरा पंचायत अंतर्गत मदुआखाड़ गांव की 15 वर्षीय किशोरी अनिशा कुमारी ने ऐसा कठिन संकल्प लिया है, जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हैं।
अनिशा पूरे नौ दिनों तक लोहे की कीलों से बने विशेष बिस्तर पर लेटकर माता रानी की आराधना कर रही हैं। प्रतिदिन सुबह और शाम दो-दो घंटे वह अपने शरीर पर कलश स्थापित कर दुर्गा पाठ करती हैं। इस दौरान वह केवल फलाहार पर ही निर्भर रहती हैं।
अनिशा का कहना है कि यह साधना उन्हें माता के आशीर्वाद से संभव हो रही है और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई महसूस नहीं हो रही।
परिजनों ने बताया कि नवरात्र शुरू होने से पहले ही अनिशा ने इस कठिन व्रत का संकल्प लिया था। शुरू में परिवार को आश्चर्य हुआ, लेकिन बेटी की गहरी आस्था को देखकर उन्होंने उसका साथ दिया। लगभग 32 किलोग्राम लोहे की कीलों से बिस्तर तैयार कराया गया, जिस पर वह साधना कर रही हैं।
लातेहार के विद्वान पंडित संतोष मिश्रा ने इसे हठ योग का उदाहरण बताते हुए कहा कि “ऐसा कठिन व्रत माता की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हो पाता है। ऐसे साधक कठिन तपस्या के बावजूद आनंद और शक्ति का अनुभव करते हैं।”
अनिशा की यह कठिन साधना न केवल उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि भक्ति में अपार शक्ति होती है। श्रद्धा और विश्वास से किया गया संकल्प ईश्वर के आशीर्वाद से पूर्ण होता है।