झाबर पंचायत के बनियों ग्राम में पारंपरिक जीउतिया जतरा मेला संपन्न, हजारों की उपस्थिति में उमड़ा सांस्कृतिक उत्सव
लातेहार। झाबर पंचायत के बनियों ग्राम में परंपरागत जीउतिया जतरा मेला बुधवार को हर्षोल्लास और भव्य सांस्कृतिक माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुईं और पूरे आयोजन में सक्रिय रूप से मौजूद रहीं।
गांव की परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने वाले इस जतरा मेले में क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए। महिलाओं और पुरुषों द्वारा प्रस्तुत झूमर, नृत्य, गीत और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को उल्लास से भर दिया। मंडलियों की झूमर की थाप और मांदर की गूंज से पूरा इलाका गूंज उठा।
अनीता देवी का प्रेरक संबोधन
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिप उपाध्यक्ष अनीता देवी ने अपने संबोधन में कहा कि जीउतिया जतरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और परंपरा का उत्सव है। यह पर्व मां की ममता और स्नेह का प्रतीक है, जिसमें संतान की लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना की जाती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और पारंपरिक कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान दें। अनीता देवी ने कहा कि सांस्कृतिक एकता ही समाज को मजबूत बनाती है और इसी से हमारी पहचान बनी रहती है।
सक्रिय सहभागिता और सांस्कृतिक रंग
कार्यक्रम के दौरान अनीता देवी ने केवल संबोधन ही नहीं दिया, बल्कि उत्साहपूर्वक मंडली के साथ झूमर भी खेली और मांदर की थाप से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी सहभागिता ने ग्रामीणों और प्रतिभागियों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
उन्होंने बनियों मंडली को मांदर भेंट कर सम्मानित भी किया। उन्होंने ग्रामवासियों को जतरा पर्व की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में सहयोग का आश्वासन दिया।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर अनीता देवी के पति एवं कोमर ग्राम निवासी एसडीएम प्रवीण कुमार सिंह और उनके पिता सुरेश सिंह भी उपस्थित रहे। साथ ही कोमर ग्राम की पूर्व वार्ड सदस्य पुष्पा देवी, झाबर पंचायत के मुखिया पति, पूर्व मुखिया ऐश्वर्या उरांव, कमलेश उरांव, विनोद उरांव, नरेश उरांव, फुलदेव उरांव, प्रकाश उरांव, उमेश उरांव, बिना किसपोटा, बाबूलाल उरांव, सहेंद्र उरांव, हीरा उरांव, सुका उरांव, राजेश उरांव, ग्राम प्रधान कैलाश गंझू, वासुदेव उरांव, लालू उरांव, महानंद सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाईचारे और सामूहिकता का संदेश
जतरा मेले में न सिर्फ स्थानीय ग्रामवासी बल्कि आसपास के गांवों से भी लोग भारी संख्या में पहुंचे। पूरे कार्यक्रम का माहौल शांति, भाईचारे और उत्साह से परिपूर्ण रहा।
ग्रामीणों ने कहा कि यह जतरा उनके लिए सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का बड़ा अवसर है। सामूहिक सहभागिता से यह आयोजन हर वर्ष और भी भव्य होता जा रहा है।
समापन
कार्यक्रम का समापन सामूहिक नृत्य, गीत और झूमर के साथ हुआ। जिप उपाध्यक्ष अनीता देवी के प्रेरक संबोधन और सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया।