
जामा (दुमका)। जामा प्रखंड के मोहुलबना संकुल संगठन में गुरुवार को वार्षिक साधारण सभा (AGM) का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह सभा न केवल संगठन की वार्षिक समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना तय करने का मंच बनी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा का प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
सभा में बतौर अतिथि उप प्रमुख पूनम यादव, आईएएस प्रशिक्षु नाज़िश अंसारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. विवेक किशोर, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक संजीता किरण बेक, इंडियन बैंक शाखा प्रबंधक सुमित कुमार, इंडियन बैंक आरसेटी निदेशक इम्मानुअल आशीष अनुराग, आरसेटी संकाय अमरदीप कुमार, एटीएम बंटी कुमारी, तथा JSLPS के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) मिनाती सिंह, BAP रूपा दत्ता, CC अनीता मरांडी समेत प्रखंड एवं संकुल स्तर के कई पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
सभी ग्राम संगठनों की रही उत्साही भागीदारी
कार्यक्रम में संकुल संगठन से जुड़े सभी ग्राम संगठनों (VO) की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए AGM को सफल बनाया। सभा में पिछले वर्ष के कार्यों, वित्तीय प्रगति, आजीविका गतिविधियों तथा आगामी वर्ष की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
ऑडिट रिपोर्ट और वार्षिक प्रगति प्रस्तुत
संकुल स्तरीय महासंघ (CLF) के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष ने चार्ट की सहायता से ऑडिट रिपोर्ट एवं वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में आय-व्यय, ऋण पुनर्भुगतान, आजीविका गतिविधियों के विस्तार और समूहों की मजबूती से जुड़े तथ्यों को रखा गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने इस पारदर्शी प्रस्तुति की सराहना की। इस दौरान संगठन से जुड़े कुछ सक्रिय और उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।
BPM ने साझा की आगामी प्राथमिकताएँ
इस अवसर पर JSLPS की ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) मिनाती सिंह ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्राथमिकताओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि “हम VRP (Village Resource Person) के माध्यम से वार्षिक योजना निर्माण पर विशेष ध्यान देंगे। कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए उच्च मूल्य फसल खेती और सामूहिक स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर जोर रहेगा। साथ ही, सभी परिवारों को कम से कम तीन आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।”
उन्होंने आगे कहा कि गैर-कृषि आधारित उद्यमों जैसे छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ सकें और आत्मनिर्भर बनें।
महिलाओं की भूमिका की सराहना

सभा को संबोधित करते हुए उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीण महिलाओं की सराहनीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और संकुल संगठनों के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। यह संकुल संगठन महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
उप प्रमुख पूनम यादव ने कहा कि “महिलाएं संगठित होकर आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हमें गर्व है कि संकुल संगठन जैसे मंच से वे आजीविका संवर्धन और सामाजिक विकास की धुरी बन रही हैं।”
भविष्य की योजनाएँ
AGM में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में संकुल संगठन ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता पर भी काम करेगा। प्रशिक्षण शिविरों और कार्यशालाओं के जरिए महिलाओं को नई तकनीकों और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा।
सफल संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन संकुल संगठन की अध्यक्षा ने बखूबी किया। सभी अतिथियों ने संकुल संगठन की उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। सभा का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।