
रांची से अजीत कुमार की रिपोर्ट,
रांची: झारखंड में मॉनसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव और लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण राज्यवासियों को फिलहाल बारिश और वज्रपात से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि 30 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी।
शुक्रवार को भी झारखंड के विभिन्न जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चाइबासा में 93 मिमी, रांची में 15 मिमी, मेदिनीनगर में 3 मिमी और जमशेदपुर में 11 मिमी वर्षा हुई। बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं कई क्षेत्रों में जलजमाव और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के निदेशक अभिषेक आनंद ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में राज्य के कई जिलों में भारी से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
- 23 अगस्त (शनिवार): गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के लिए भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- 24 अगस्त (रविवार): रांची समेत गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, चतरा, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है।
- 25 अगस्त (सोमवार): गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम और खूंटी में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है।
चतरा में तबाही
लगातार हो रही बारिश से चतरा जिले में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली। शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर आ गए।
गिद्धौर प्रखंड के सियारी पार नदी में पानी का बहाव तेज होने से एक दंपति बह गया। वहीं पत्थलगड़ा के नोनगांव गांव में 70 वर्षीय वृद्ध परमेश्वर साव की मौत हो गई, जब वे उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहे थे।
बारिश से जिले में कई बांध टूट गए, सड़कें बह गईं और दर्जनों गांवों में जनजीवन प्रभावित हुआ। इटखोरी, कान्हाचट्टी और गिद्धौर प्रखंडों में भी भारी नुकसान की खबर है। गिद्धौर प्रखंड कार्यालय पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे प्रशासनिक कामकाज बाधित हो गया।
जनजीवन पर असर
भारी बारिश से कई जिलों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कें टूटने से आवागमन ठप हो गया है। खेतों में धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर बारिश से जलस्तर बढ़ने के कारण बांध और छोटे नाले खतरे के निशान पर बह रहे हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थान पर ही रहें। प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।