अनूप कुमार गुप्ता,
गढ़वा। जिले के अन्नराज डैम में एक किशोर युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। शव मिलने के बाद उन्होंने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
एसडीएम संजय कुमार ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों पर सवाल उठाए। उन्होंने जिला मत्स्य पदाधिकारी और लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता से पूछा कि जब हर वर्ष इस प्रकार की घटनाएं होती हैं, तो एहतियात के उपाय पहले से क्यों नहीं किए जाते?
डैम कोई स्विमिंग पूल नहीं
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि अन्नराज डैम कोई स्विमिंग पूल नहीं है, इसलिए इसमें तैरना, नहाना या किसी भी तरह की जलक्रीड़ा अब पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने कहा कि इतने गहरे जलाशय में उतरना बेहद खतरनाक है और इससे अकसर हादसे होते रहते हैं। अब सिर्फ मत्स्यजीवी समितियों के कुशल गोताखोरों या अधिकृत कर्मियों को ही इस जलाशय में प्रवेश की अनुमति होगी।
चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य
एसडीएम ने कहा कि यह जलाशय लघु सिंचाई विभाग की संपत्ति है, जिसमें मत्स्य विभाग को मछली पालन का अधिकार मिला है। ऐसे में इन विभागों को ही जलाशयों में हो रही दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जलाशय के किनारों पर गहराई, खतरे और प्रतिबंध की चेतावनी देने वाले बोर्ड तुरंत लगाए जाएं। ये संकेतक स्थानीय भाषा में भी हों ताकि आम जनता को स्पष्ट जानकारी मिल सके।
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
एसडीएम ने कहा कि अन्नराज डैम क्षेत्र को “नो स्विमिंग जोन” घोषित किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति इसमें तैरता या नहाता पाया गया, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। मत्स्यजीवी समितियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर नियम उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया तय करें। साथ ही, डैम पर एक गोताखोर या जल प्रहरी की स्थायी प्रतिनियुक्ति भी सुनिश्चित की जाएगी।
थानों को मिले निर्देश
अनुमंडल क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के जलाशयों, खासकर खतरनाक पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ाएं। सेल्फी लेने या हुड़दंग मचाने वाले युवाओं पर विशेष नजर रखी जाए ताकि हादसों को रोका जा सके।
आम जनता से अपील
एसडीएम ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अन्नराज डैम समेत जिले के अन्य जल स्रोतों में सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि हर साल कई अनमोल ज़िंदगियाँ ऐसे हादसों में चली जाती हैं। खासकर बरसात में जल स्तर बढ़ने और धार तेज़ होने से खतरा और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले इन स्थलों पर न भेजें और न ही किनारों पर जाकर सेल्फी लें या मछली पकड़ें। यह लापरवाही जानलेवा हो सकती है।सतर्क रहें, सुरक्षित रहें, जीवन का सम्मान करें।