बरहरवा, 11 जून:
इन दिनों बरहरवा सहित आसपास के इलाकों में बढ़ती उमस भरी गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। अत्यधिक तापमान और नमी के कारण डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। स्थिति यह है कि सिर्फ तीन घंटे (सुबह 9 से 12 बजे के बीच) में सदर अस्पताल में 12 मरीजों को डिहाइड्रेशन की शिकायत के चलते भर्ती किया गया।
बेड फुल, बरामदे तक मरीज
अस्पताल में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के मरीज पहुंच रहे हैं। भीड़ इस कदर है कि वार्ड से लेकर बरामदे तक बेड भर चुके हैं। कई मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन मरीजों को जल्द राहत देने की कोशिश में जुटा है।
गर्मी में डिहाइड्रेशन के लक्षण
डॉ. प्रभात मल्लिक ने बताया कि डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
- अत्यधिक प्यास लगना
- मुंह का सूखना
- चक्कर आना या सिर घूमना
- थकान महसूस होना
- गहरे रंग का या कम मात्रा में पेशाब आना
- सिरदर्द और कमजोरी
इन लक्षणों के दिखते ही तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है।
सावधानियां और उपाय
डॉक्टरों ने लोगों को गर्मी से बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जरूरी उपाय:
- भरपूर मात्रा में पानी पिएं
- बाहर निकलते समय छाता या कपड़े से शरीर ढकें
- यात्रा के दौरान पानी साथ रखें
- ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ का सेवन करें
- धूप में निकलने से बचें
- तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज करें
- मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं
सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध: सदर अस्पताल
हालांकि मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, पर सदर अस्पताल में स्लाइन, बुखार, उल्टी-दस्त, पेटदर्द और सिरदर्द की सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।
डॉक्टरों की अपील
डॉ. प्रभात मल्लिक ने कहा:
“ऐसे मौसम को हल्के में न लें। शरीर में पानी की कमी घातक हो सकती है। अधिक से अधिक पानी पिएं, हल्का भोजन करें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।”