एक भी लाभार्थी दवा सेवन से न छूटे, अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान: उपायुक्त
पाकुड़।जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को उपायुक्त मनीष कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेएसएलपीएस की सखी दीदियों, सीएलएफ पदाधिकारियों एवं संबंधित टीम के साथ विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने बताया कि जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के तहत फाइलेरिया उन्मूलन के लिए लक्षित आयु वर्ग के सभी पात्र व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से दवा सेवन कराया जाना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी लाभार्थी दवा सेवन से वंचित न रहे।
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सखी दीदियों एवं सीएलएफ टीम की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनजागरूकता फैलाने, भ्रांतियों को दूर करने एवं घर-घर जाकर दवा सेवन सुनिश्चित करने में उनकी सहभागिता निर्णायक है। उन्होंने सभी से अपील की कि इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दवा का सेवन खाली पेट न कराया जाए तथा दवा वितरण एवं सेवन के दौरान सभी आवश्यक स्वास्थ्य मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया (हाथीपांव) एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है, जिसे नियमित एवं सामूहिक दवा सेवन से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
बैठक में बूथ स्तर पर विशेष दवा सेवन दिवस आयोजित करने, प्रत्येक परिवार को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने तथा क्षेत्रवार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बेहतर कार्य करने वाले समूहों एवं कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किए जाने की बात भी कही गई।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग एवं जेएसएलपीएस की संयुक्त टीम को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि व्यापक जनजागरूकता, घर-घर संपर्क और सामुदायिक सहभागिता से ही फाइलेरिया मुक्त समाज का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।