पाकुड़।
जिले को फाइलेरिया (हाथी पांव) मुक्त बनाने के उद्देश्य से एमडीए-आईडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान आगामी 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। इसको लेकर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करने की अपील की है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रोजेक्ट जागृति के तहत व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अभियान के दौरान जिले में 80 प्रतिशत से अधिक लोगों ने दवा का सेवन किया था, जो एक सराहनीय उपलब्धि रही। इस वर्ष लक्ष्य है कि शत-प्रतिशत पात्र व्यक्ति दवा का सेवन करें, ताकि पाकुड़ जिले को पूर्ण रूप से फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया यानी हाथी पांव एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर दवा सेवन से इसके संक्रमण को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान वितरित की जाने वाली दवाएं पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी हैं, इसलिए किसी प्रकार के भ्रम या झिझक में न रहें।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पहले निर्धारित बूथ दिवस पर दवा खिलाई जाएगी, इसके बाद घर-घर जाकर भी दवा सेवन सुनिश्चित कराया जाएगा। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि बूथ दिवस पर ही दवा का सेवन कर अभियान को सफल बनाएं और जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उपायुक्त ने कहा कि यह अभियान जिले के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं आम नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।