तेनुघाट:-वसंत पंचमी के मौके पर तेनुघाट बांयां तट में स्थित वर्तमान में बन्द पड़े नदी घाटी परियोजना उच्च विद्यालय में इस स्कूल के पूर्व क्षात्रों द्वारा बहुत ही धूम धाम से माता सरस्वती की पूजा अर्चना की गयी। मुख्य उद्देश्य ये है कि चुकि स्कूल का भवन जो कि आज भी जर्जर अवस्था में होने के बावजूद बहुत ही मजबूत और आधुनिक सुविधा सुसम्पन्न है लेकिन कुछ एक चंद नकारात्मक मानसिकता सोच और सरकारी उदासीनता के कारण पिछले लगभग दो दशकों से बन्द है जिसे पुनः खुलवा कर शिक्षा व्यवस्था को पहले की तरह बहाल किया जाये। इसमेँ पढ़ाई कर निकले हुए क्षात्र आज न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों भी अपनी सफलता का परचम लहरा कर तेनुघाट का नाम रौशन कर रहे हैं,सेना, प्रशाशनिक विभाग तथा हर एक क्षेत्र में अपनी सेवा देकर किसी न किसी रूप से देश की सेवा में लगे हुए हैं। इसी मनोभाव के साथ इस स्कूल से निकले पूर्व क्षात्र संतोष कुमार जो कि सर्वोच्च न्यायालल दिल्ली में वकालत कर रहे हैं तथा जिनकी लिखी हुई किताब को कानूनी मान्यता प्राप्त है और इसके चलते इन्हें विशिष्ट रूप से पुरस्कृत भी किया गया है ने अपने तत्कालीन सहयोगी क्षात्रों मानस श्रीवास्तव,तारा शंकर ओझा,अरुण यादव,यतीन्द्र नारायण पाण्डेय,मुकेश सिन्हा, शैलेश श्रीवास्तव, चुनमुन श्रीवास्तव डॉ रविन्द्र कुमार, प्रो ललित कुमार झा,डॉ संजय कुमार डे,अरविंद कुमार सिंह, डॉ सुनील कुमार सिंह,कौशलेन्द्र सहाय,अनिल कुमार चौधरी,अनूप मिश्रा,प्रकाश कुमार झा,पवन मिश्रा,मनीष कुमार,नरेन्द्र सिंह,राजीव कमल ओझा,विकास वर्मा,संजय जैन, सुशील कुमार,अविरल बिहारी,राजीव वर्मा,पाण्डव कुमार पाण्डेय,दिलीप कुमार सिंह,पंकज शर्मा,रजनीश कुमार,शेखर सिंह,सुजय कुमार, हिमांशु सिंह,मनोज कुमार,को साथ लेकर इस बन्द पड़े स्कूल में सरस्वती पूजा कर इसे येन केन प्रकारेन पुनः खुलवाने का संकल्प लिया है।इस पावन अवसर पर इस स्कूल के सेवा निवृत शिक्षक श्री लुदू केवट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे…..