कोटालपोखर।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (पलाश) के अंतर्गत रामनगर संकुल स्तरीय महिला प्राथमिक स्वावलंबी सहयोग समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा सोमवार को रामनगर पंचायत भवन में संपन्न हुई। यह बैठक महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और वित्तीय अनुशासन को लेकर महत्वपूर्ण साबित हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला वित्त प्रबंधक राजेश रॉय, जिला प्रबंधक एसएमआईबी सतीश कुमार, बीपीएम फैज आलम, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी मनोज कुमार, कॉपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक एजाज अहमद और एसबीआई रामनगर शाखा प्रबंधक संतोष कुमार मौजूद रहे।
सभा में समिति के वार्षिक आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजनाओं की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने वर्षभर की उपलब्धियों का ब्योरा दिया और भविष्य की चुनौतियों को चिन्हित कर समाधान की दिशा तय की।
बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही समिति के पदाधिकारियों में बदलाव भी किया गया। नई जिम्मेदारियों के साथ पदाधिकारियों को संगठन की मजबूती और महिलाओं के आर्थिक उत्थान की दिशा में काम करने का आह्वान किया गया।
जिला वित्त प्रबंधक राजेश रॉय ने महिलाओं को वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता और लेखा-जोखा संधारण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समूह की मजबूती का आधार ईमानदार लेखा प्रबंधन है। वहीं, जिला प्रबंधक एसएमआईबी सतीश कुमार ने महिलाओं को सखी मंडल से जुड़ने और शेयर कैपिटल जमा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की भागीदारी से संगठन की शक्ति कई गुना बढ़ेगी।
बीपीएम फैज आलम ने जेएसएलपीएस की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने पर बल देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं आजीविका के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्वरोजगार अपनाकर परिवार और समाज की आर्थिक रीढ़ बनें।
सहकारिता विभाग के पदाधिकारी मनोज कुमार ने सहकारी समितियों की संरचना और उनकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं, कॉपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक एजाज अहमद और एसबीआई शाखा प्रबंधक संतोष कुमार ने विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, ऋण सुविधा और महिलाओं के लिए विशेष रूप से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से बैंकिंग सेवाओं से अधिकाधिक जुड़ने की अपील की, ताकि उनके उद्यमों को वित्तीय सहयोग मिल सके।
सभा में शामिल महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई महिलाओं ने बताया कि कैसे समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल आर्थिक स्वतंत्रता पाई, बल्कि परिवार और समाज में भी सम्मानजनक स्थान बनाया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि समिति की गतिविधियों को और मजबूती दी जाएगी। महिला सदस्यों को आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार और छोटे उद्योग-धंधों में सहयोग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
मौके पर विभिन्न पंचायतों की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं, जिन्होंने अपने उत्साह और भागीदारी से यह संदेश दिया कि संगठित होकर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं, बल्कि समाज में बदलाव की अग्रदूत भी बन सकती हैं.