jharkhand:-गोड्डा जिले के चर्चित आदिवासी नेता सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की गूंज मंगलवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में सुनाई दी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
सांसद का आरोप
आदित्य साहू ने सदन में कहा कि झारखंड की सरकार आदिवासी हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि –
“आदिवासियों की हितैषी बनने का ढोंग करने वाली हेमंत सोरेन सरकार ने युवा आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की हत्या करवाई है।”
सांसद ने कहा कि सूर्या हांसदा केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि समाजसेवा से जुड़े हुए थे। वह जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
समाजसेवा में सक्रिय थे सूर्या
सांसद आदित्य साहू ने सदन में बताया कि सूर्या हांसदा ने सैकड़ों अनाथ और गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाने की जिम्मेदारी उठाई थी।
- बच्चों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था करना
- समाज में शिक्षा का प्रसार करना
- जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजना
इन सब कार्यों के लिए उन्हें समाज में व्यापक सम्मान प्राप्त था।
एनकाउंटर पर उठे सवाल
सांसद साहू ने दावा किया कि इतने सक्रिय समाजसेवी को साजिश के तहत पुलिस एनकाउंटर में मार दिया गया। उन्होंने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की और कहा कि सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
विपक्षी हमला तेज़
राज्यसभा में यह मुद्दा उठने के बाद झारखंड की राजनीति में भी हलचल तेज़ हो गई है। भाजपा ने इसे आदिवासी समाज के साथ विश्वासघात बताते हुए हेमंत सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। वहीं, राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामला झारखंड की सियासत में बड़ा मुद्दा बन सकता है.