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बेतला नेशनल पार्क में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई:चार शिकारी गिरफ्तार,हथियार और हिरण के अवशेष बरामद

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बेतला नेशनल पार्क में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई:चार शिकारी गिरफ्तार,हथियार और हिरण के अवशेष बरामद

लातेहार : पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत बेतला नेशनल पार्क के जंगल में वन विभाग की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शिकारियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से कई देसी हथियारों के अलावा हिरण के सिंग और बारूद बनाने की सामग्री भी बरामद की गई। वन विभाग की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए गश्ती अभियान को और सख्ती से जारी रखा जाएगा।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग की गश्ती टीम बेतला नेशनल पार्क के जंगलों में नियमित निरीक्षण कर रही थी। इसी दौरान टीम को अचानक देसी बंदूक (भरठुआ) से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। शक होने पर गश्ती दल के सदस्य उस दिशा में आगे बढ़े। तभी दो संदिग्ध व्यक्तियों ने वन विभाग की टीम को देखते ही उन पर फायरिंग कर दी। हालांकि, गश्ती दल ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार शिकारियों की पहचान ई लोधा मुंडा और लखन परहिया के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी के बाद मामले की सूचना डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना को दी गई। उनके निर्देश पर बेतला रेंजर उमेश दुबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आगे छापेमारी अभियान चलाया गया। दोनों गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने दो और अपराधियों को दबोच लिया। इनमें सोम मुंडा और बलराम सिंह शामिल हैं।

पूरे अभियान में कुल चार शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर वन विभाग की टीम ने दो और देसी भरठुआ बंदूक, चार हिरण के सिंग, दो टॉर्च, छोटा तसला, वट क्लीनर तथा बारूद बनाने की सामग्री बरामद की। इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि आरोपी न केवल वन्य जीवों का अवैध शिकार कर रहे थे, बल्कि लगातार शिकार की तैयारी में भी जुटे हुए थे।

बेतला के डायरेक्टर लॉज में सोमवार को डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना और रेंजर उमेश दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लातेहार जेल भेज दिया गया है। वहीं गिरोह में शामिल अन्य छह सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान लगातार जारी है।

प्रजेश कांत जेना ने कहा कि जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है। इस दिशा में गश्ती अभियान को और तेज किया जाएगा तथा किसी भी कीमत पर शिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन्य जीव संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

इस छापेमारी अभियान में रेंजर उमेश दुबे के साथ संतोष कुमार सिंह, देव्पाल भगत, निरंजन कुमार, गुलशन सुरीन, राजेश कुमार और संतोष सिंह समेत वन विभाग के कई कर्मियों की सराहनीय भूमिका रही। टीम की सतर्कता और तत्परता के कारण बड़ी संख्या में अवैध हथियार और शिकार से जुड़ी सामग्री जब्त की जा सकी।

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