संवाददाता – अनुज तिवारी,
नई दिल्ली। दिल्ली प्रवास के दौरान भारत सरकार की राज्य स्तरीय दिशा समिति के सदस्य देवेश तिवारी ने झारखंड के मुख्यमंत्री एवं राज्य स्तरीय दिशा समिति के अध्यक्ष हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जननायक शिबू सोरेन (गुरुजी) के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
श्री तिवारी ने कहा कि आदरणीय शिबू सोरेन जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा हैं। उन्होंने झारखंड आंदोलन से लेकर राज्य निर्माण तक, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के लिए जो योगदान दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका स्वास्थ्य पूरे राज्य की चिंता है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि गुरुजी जल्द पूर्णतः स्वस्थ हों और अपनी प्रेरणादायक उपस्थिति से हमें मार्गदर्शन देते रहें।
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान देवेश तिवारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाल ही में पलामू एवं गढ़वा जिलों में संपन्न हुए जनसंपर्क कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह ज़मीनी स्तर पर लोग सरकार की योजनाओं को लेकर आशान्वित हैं, साथ ही कुछ क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जल-जीवन मिशन जैसे विषयों पर केंद्र और राज्य के बीच और बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्री तिवारी की सक्रियता और जनसेवा के प्रति उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे जनप्रतिनिधियों को सदैव प्रोत्साहित करती है जो आम जनता के बीच रहकर समस्याओं को समझते हैं और समाधान के लिए प्रयासरत रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे श्री तिवारी को एक बड़े भाई की तरह मानते हैं और झारखंड के विकास की दिशा में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने को तत्पर हैं।
भेंटवार्ता के दौरान देवेश तिवारी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार, मिलकर और समन्वय के साथ कार्य करें तो झारखंड की तस्वीर बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर यदि सभी प्रतिनिधि जनता के हित में सोचें तो झारखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
उन्होंने इस विश्वास के साथ अपनी बात समाप्त की कि केंद्र और राज्य के बीच सकारात्मक संवाद एवं सहयोग की भावना बनी रही तो राज्य के पिछड़े इलाके भी जल्द ही विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।