गोमिया: गोमिया प्रखंड के बड़की चिदरी पंचायत अंतर्गत ग्राम माधा के ग्रामीणों ने नव प्राथमिक विद्यालय की जमीन को अवैध जमाबंदी से बचाने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय गोमिया पर मिलीभगत से जाली कागजात के आधार पर स्कूल की जमीन किसी अन्य के नाम दर्ज करने का गंभीर आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि ग्राम माधा में गैरमजरुआ खास खाते की जमीन, खाता संख्या 46, प्लॉट संख्या 68 व लगभग 2.50 एकड़ रकबा पर वर्ष 2005-06 में झारखंड सरकार द्वारा नव प्राथमिक विद्यालय माधा का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में यहां चार पक्के कमरे, एक रसोई घर, शौचालय और चारदीवारी के साथ विद्यालय का संचालन हो रहा है। विद्यालय के आसपास जंगल-झाड़ी भी मौजूद है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी जमीन को अगस्त 2025 में घांसी हजाम एवं जानकी हजाम के वंशजों ने अंचलाधिकारी गोमिया और हल्का कर्मचारी की मिलीभगत से जाली कागजात के आधार पर पंजी-2 में अपने नाम दर्ज करा लिया है। पंजी-2 के वाल्यूम संख्या 01 के पेज संख्या 140 में खाता संख्या 46, प्लॉट संख्या 68 व रकबा 3.65 एकड़ दर्ज कर दिया गया है। जबकि ग्रामीणों के अनुसार उक्त जमीन पर इन लोगों का न तो कोई जोत-आबाद है और न ही किसी प्रकार का दावा या कब्जा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में 27 जनवरी 2026 को अंचलाधिकारी गोमिया और अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो (तेनुघाट) को भी आवेदन देकर जमाबंदी रद्द करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की जमीन को बचाने और अवैध जमाबंदी रद्द कराने के लिए वे लोग पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह से हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इस संबंध में गोमिया के अंचल अधिकारी आफताब आलम ने बताया कि मामला अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ की अदालत में विचाराधीन है और यह डीसीएलआर के अधीन है। उन्होंने कहा कि संबंधित न्यायालय द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा, वही मान्य होगा।