पाकुड़। गुरुवार को उपायुक्त मनीष कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायकों के साथ विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में पंचायत दिवस आयोजन, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार, संपूर्णता अभियान 2.0, अबुआ आवास एवं पंचायतों की आधारभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।*
शत-प्रतिशत फाइलेरिया दवा सेवन पर विशेष जोर
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि दिनांक 13 फरवरी को सभी पंचायतों में पंचायत दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रत्येक पंचायत में विशेष अभियान चलाते हुए शत-प्रतिशत फाइलेरिया दवा सेवन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव, मुखिया, रोजगार सेवक, सहिया एवं सभी संबंधित कैडर फील्ड में सक्रिय रूप से उपस्थित रहेंगे। पंचायत भवन एवं पीडीएस दुकानों पर दवा सेवन की व्यवस्था की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर घर-घर जाकर सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 30 प्रतिशत दवा सेवन हो चुका है। हर हाल में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है। शिवरात्रि एवं अन्य पर्वों को ध्यान में रखते हुए अभियान को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया गया।
उत्कृष्ट पंचायतें होंगी सम्मानित
उपायुक्त ने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष पांच पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत में फाइलेरिया उन्मूलन से संबंधित जागरूकता बोर्ड एवं सेल्फी प्वाइंट स्थापित करने तथा जागरूकता वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का निर्देश दिया गया। स्थानीय भाषाओं—संथाली, बंगाली एवं उर्दू—में भी संदेश प्रसारित करने पर बल दिया गया।
पंचायतों को मॉडल स्वरूप में विकसित करने का लक्ष्य
बैठक में मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार एवं संभावित पीएम अवार्ड निरीक्षण की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालय नियमित रूप से संचालित हों, उपस्थिति बेहतर हो, परिसर स्वच्छ एवं हरियाली युक्त हो, नोटिस बोर्ड एवं सूचना पट्ट अद्यतन रहें। प्रत्येक पंचायत में सूचना बोर्ड स्थापित करने, सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने, अतिरिक्त नैपकिन उपलब्ध रखने, वॉटर फिल्टर सुनिश्चित करने तथा दिव्यांगजनों हेतु कार्यशील शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया।
संपूर्णता अभियान 2.0 की समीक्षा
उपायुक्त ने कहा कि संपूर्णता अभियान के निर्धारित संकेतकों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में टेक-होम राशन वितरण, बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापन, SAM/MAM बच्चों की पहचान एवं पोषण ट्रैकिंग की नियमित समीक्षा की जाए।
पेयजल एवं लंबित योजनाओं पर त्वरित कार्रवाई
गर्मी को देखते हुए खराब चापाकलों एवं पेयजल स्रोतों की सूची तैयार कर शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अबुआ आवास योजना 2023-24 एवं 2024-25 के लंबित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा कर प्रतिशतवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी पंचायतें समन्वित प्रयास एवं मिशन मोड में कार्य करें तो पाकुड़ जिला राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करेगा।
मौके पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू एवं डीपीएम आनंद प्रकाश उपस्थित थे।