तेनुघाट।
तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति ने नावाडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत सूरही निवासी रऊफ अंसारी, मोहीद्दीन अंसारी उर्फ मोहिउद्दीन अंसारी एवं साधु अंसारी को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष का कारावास एवं 5000-5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
मामले में बताया गया कि नावाडीह अंचल अधिकारी अंगार नाथ मिश्रा ने नावाडीह थाना प्रभारी के समक्ष उपरोक्त तीन अभियुक्तों सहित करीब 50 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो सशस्त्र पुलिस बल एवं चौकीदार के साथ सूरही मौजा के खाता संख्या 72, प्लॉट संख्या 504, रकबा 20 डिसमल सरकारी भूमि पर पहुंचे थे।
इसी दौरान अभियुक्तगण एवं अन्य अज्ञात लोग वहां पहुंचे और सरकारी कार्रवाई का विरोध करते हुए ईंट-पत्थर से पथराव करने लगे। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा भूमि को सरकारी बताते हुए कार्य में बाधा न डालने की बात कही गई, बावजूद इसके अभियुक्तों द्वारा गाली-गलौज कर आदेश का उल्लंघन किया गया।
उक्त बयान के आधार पर नावाडीह थाना में मामला दर्ज किया गया। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद आरोप पत्र समर्पित किया गया, जिसके पश्चात मामला स्थानांतरित होकर एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति के न्यायालय में विचाराधीन हुआ।
न्यायालय में प्रस्तुत गवाहों के बयान एवं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्तों के अधिवक्ता द्वारा उच्च न्यायालय में अपील किए जाने का आवेदन दिया गया, जिस पर न्यायालय ने अभियुक्तों को जमानत पर मुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक नवीन कुमार मिश्रा ने मामले की पैरवी की।