अनुसंधानकर्ता को सशरीर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश
लातेहार।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सुनील दत्त द्विवेदी की अदालत ने विचाराधीन जमानत याचिका संख्या 16/2026 की सुनवाई के दौरान, बार-बार आदेश के बावजूद केस डायरी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने बालूमाथ थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक अशोक कुमार को अगली तिथि पर सशरीर न्यायालय में उपस्थित होकर कारण पृच्छा (स्पष्टीकरण) दाखिल करने का आदेश दिया है।
मामला बालूमाथ थाना कांड संख्या 138/2025 से संबंधित है, जिसमें अभियुक्त पीयूष अग्रवाल 22 दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में है। अभियुक्त की ओर से दायर जमानत याचिका पर केस डायरी के अभाव में सुनवाई नहीं हो पा रही है।
अभियुक्त के अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि जमानत याचिका 12 जनवरी 2026 को सेशन कोर्ट में दाखिल की गई थी। अदालत ने 13 जनवरी 2026 को अनुसंधानकर्ता से केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बाद निर्धारित कई तिथियों पर भी केस डायरी न्यायालय में जमा नहीं की गई।
अपर लोक अभियोजक शिव शंकर राम ने बताया कि 13 जनवरी एवं 20 जनवरी 2026 को प्रॉसिक्यूशन सेल के माध्यम से लिखित पत्र और दूरभाष द्वारा अनुसंधानकर्ता को केस डायरी जमा करने की सूचना दी गई थी। इसके बावजूद अनुसंधानकर्ता द्वारा अवकाश में होने का हवाला देकर केस डायरी समर्पित नहीं की गई, जिससे काराधीन अभियुक्त की जमानत याचिका पर सुनवाई बाधित हो रही है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली तिथि पर अनुसंधानकर्ता की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य करते हुए स्पष्टीकरण दाखिल करने का निर्देश दिया है।